तमिलनाडु में आने वाले विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट दिखाई देने लगी है। तमिलनाडु सरकार चुनाव से पहले राज्य की जनता के लिए कई घोषणाएं कर सकती है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री रिटायरमेंट की आयु सीमा 59 से बढ़ाकर 60 साल करने की घोषणा कर दी है।

चेन्नई, तमिलनाडु. राज्य में आने वाले विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Election 2021) को लेकर सरगर्मियां दिखाई देने लगी हैं। जनता को रिझाने सरकार ने घोषणाओं की शुरुआत कर दी है। गुरुवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने सरकार के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु सीमा 59 से बढ़ाकर 60 साल करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के रूल 110 का हवाला देकर कहा कि रिटायरमेंट की आयु सीमा में यह वृद्धि सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगी। इसमें स्थानीय निकायों और सरकारी अंडरटेकिंग कर्मचारियों को भी गिना जाएगा। इससे पहले पलानीस्वामी सरकार ने मई, 2020 में रिटायरमेंट की आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 59 की थी।

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जानें ये बातें
विधानसभा में मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने बताया कि 31 मई, 2021 को रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
उधर, मध्य प्रदेश सरकार ने संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु सीमा 65 से 63 वर्ष कर दी है। यानी इसमें तीन साल की कटौती। शिवराज सरकार के इस फैसले का करीब 2.50 लाख कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा राज्य शिक्षा केंद्र ने जिला और जनपद शिक्षा केंद्रों में रखे गए संविदा कर्मचारियों को लेकर भी एक निर्णय दिया है। इसके तहत अब ये 62 साल में रिटायर होंगे। बता दें कि इन कर्मचारियों की संख्या 4200 है।

मध्य प्रदेश सरकार ने इन संविदा कर्मचारियों की नियुक्तियां संविदा कर्मचारी नियुक्ति नियम-2011 के तहत की हैं। इसमें रिटायरमेंट की आयु सीमा 65 साल है। लेकिन विधानसभा चुनाव 2018 में सरकार ने सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला किया था। इससे ये कर्मचारी भी अब 62 साल में रिटायर होंगे।