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एक अध्यापक के तबादले पर रो उठा पूरा गांव, स्टूडेंट्स को देखकर टीचर भी नहीं रोक पाए आंसू

टीचर के विदाई समारोह पर स्कूल और गांव में ऐसा कोई नजर नहीं आ रहा था, जिसके आंख में आंसू न हों। इसे देखकर शिक्षक भी भावुक हो गए। इस वाकए को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया

teachers transfer, student and villagers start weeping in kelsu ghati uttarakhand
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Uttarakhand, First Published Aug 24, 2019, 2:21 PM IST
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उत्तरकाशी. सरकारी स्कूलों में अकसर स्टूडेंट्स और परिजनों को अव्यवस्थाओं को लेकर शिक्षक से शिकायत बनी रहती है। लेकिन ऐसा कम देखने को मिलता है कि किसी शिक्षक के तबादले पर पूरा गांव रो पड़े। दरअसल, ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तरकाशी के राजकीय इंटर केलसू घाटी से। यहां पिछले तीन साल से तैनात शिक्षक आशीष डंगवाल के तबादले पर क्या बच्चा-क्या बुजुर्ग पूरा गांव रो पड़ा। 

डंगवाल की विदाई समारोह पर स्कूल और गांव में ऐसा कोई नजर नहीं आ रहा था, जिसके आंख में आंसू न हों। इसे देखकर शिक्षक भी भावुक हो गए। इस वाकए को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। इसे लेकर फेसबुक यूजर संजय चौहान ने एक पोस्ट भी लिखी।

हर शिक्षक चाहता है ऐसी विदाई
गांववालों ने डंगवाल की जैसी विदाई की, वैसी हर शिक्षक चाहता है। डंगवाल को गाजे-बाजे के साथ विदा किया गया। आशीष डंगवाल नें इसे लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट भी शेयर की। इस फेसबुक पोस्ट और विदाई समारोह की तस्वीरें देखकर भला किसकी आंखों में आंसुओं की अविरल धारा नहीं बहेंगी।

'आपका ये बेटा लौट कर आएगा'
उन्होंने आगे लिखा, ''मेरी प्यारी केलसु घाटी, आपके प्यार, आपके लगाव, आपके सम्मान, आपके अपनेपन के आगे, मेरे हर एक शब्द फीके हैं. सरकारी आदेश के सामने मेरी मजबूरी थी मुझे यहां से जाना पड़ा, मुझे इस बात का बहुत दुख है ! सभी माताओं, बहनों, बुजुर्गों, युवाओं ने जो स्नेह बीते वर्षों में मुझे दिया मैं जन्मों के लिए आपका ऋणी हो गया हूँ। मेरे पास आपको देने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन एक वायदा है आपसे की केलसु घाटी हमेशा के लिए अब मेरा दूसरा घर रहेगा। आपका ये बेटा लौट कर आएगा।''

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