इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने मंगलवार को बताया कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर चालू वित्तिय वर्ष में 10.3 प्रतिशत तक गिर सकती है। इसके साथ ही IMF ने  साल 2021 में भारत की GDP में 8.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान जताया है। आईएमएफ ने कहा कि भारत में इस समय स्थिति काफी खराब है, जो हमने इससे पहले कभी नहीं देखी थी।

नई दिल्ली. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने मंगलवार को बताया कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर चालू वित्तिय वर्ष में 10.3 प्रतिशत तक गिर सकती है। इसके साथ ही IMF ने साल 2021 में भारत की GDP में 8.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान जताया है। इससे पहले जून 2020 में आईएमएफ ने भारत के लिए 4.5% की जीडीपी गिरावट का अनुमान जताया था। आईएमएफ ने जीडीपी में भारी गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के प्रसार और देशभर में लंबे समय तक लगे लॉकडाउन को बताया गया है। 

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इमर्जिंग मार्केट और डेवलपिंग इकोनॉमी में आएगी गिरावट

आईएमएफ ने अपने बाई-एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमी आउटलुक में बताया है कि इस साल लगभग सभी इमर्जिंग मार्केट और डेवलपिंग इकोनॉमी क्षेत्रों में गिरावट की उम्मीद है। इसमें खासतौर पर भारत और इंडोनेशिया जैसी बड़ी इकोनॉमी शामिल है, जो कोरोना संक्रमण को काबू करने में लगातार संघर्ष कर रही है। आईएमएफ ने कहा कि भारत में इस समय स्थिति काफी खराब है, जो हमने इससे पहले कभी नहीं देखी थी।

वैश्विक वृद्धि में भी चालू वित्तिय वर्ष में दिखेगी गिरावट 

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की सालाना मीटिंग से पहले जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक वृद्धि इस साल 4.4 प्रतिशत गिर सकती है। हालांकि, यह अगले साल 2021 में 5.2 प्रतिशत के साथ ग्रोथ कर सकती है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था के बारे में अनुमान लगाया गया है कि यह साल 2020 में 5.8 प्रतिशत गिर सकती है लेकिन अगले साल 2021 में यह 3.9 प्रतिशत बढ़ सकती है।

चीन की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी

रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मामले में केवल चीन की जीडीपी के बारे में पॉजिटिव अनुमान है। चीन की जीडीपी 2020 में 1.9 प्रतिशत बढ़ सकती है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अनुमान में संशोधन केवल भारत के बारे में है, जहां की जीडीपी दूसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा गिरी है।