टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने सिंदूर खेला में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, "वह सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करती हैं। उत्सव के दौरान, बंगाली हिंदू महिलाएं देवी के माथे और पैरों पर सिंदूर लगाती हैं और उन्हें मिठाई देती हैं, जिसके बाद एक-दूसरे के चेहरे पर सिंदूर लगाया जाता है।

नई दिल्ली. टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने सिंदूर खेला में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, "वह सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करती हैं। उत्सव के दौरान, बंगाली हिंदू महिलाएं देवी के माथे और पैरों पर सिंदूर लगाती हैं और उन्हें मिठाई देती हैं, जिसके बाद एक-दूसरे के चेहरे पर सिंदूर लगाया जाता है। आज मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जहां ने कहा, "मैंने पहले ही लोगों को संदेश दिया है कि मानवता और प्रेम से अधिक कोई भी चीज मायने नहीं रखती है। मैं ईश्वर की विशेष बच्ची हूं और मानवता का सम्मान करती हूं और किसी भी चीज से अधिक प्यार करती हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं।"

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

- कुछ दिन पहले उनके दुर्गा पूजा में शामिल होने पर देवबंद के एक मौलवी मुफ्ती असद कासमी ने कहा था कि नुसरत जहां को अपना धर्म बदल लेना चाहिए।

- देवबंद के एक मौलवी मुफ्ती असद कासमी ने कहा था कि इस्लाम को ऐसे लोगों (नुसरत जहां) की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। 

इससे पहले नुसरत की कोलकाता पंडाल की तस्वीरें भी आई थीं जिसमें वह मां दुर्गा का आर्शीवाद लेते नजर आई थीं।

यह तस्वीर तब की है, जब पति निखिल जैन के साथ नुसरत कोलकाता के चलता बागान दुर्गा पूजा पंडाल में गई थीं। नुसरत ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई।

इस खास मौके पर नुसरत ने सफेद और लाल रंग के कॉम्बिनेशन की साड़ी पहनी हुई है। नुसरत ने इंस्टाग्राम पर भी एक तस्वीर साझा की है।

- नुसरत जहां ने कहा, वह इस कदर खुशी और जश्न में डूबी हैं कि वह नकारात्मक चीजों के बारे में बात नहीं करना चाहती हैं।