Tobacco Product Prices: केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू पर भारी एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी इन प्रोडक्ट्स पर लगने वाले 40% और 18% जीएसटी के अलावा होगी।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू पर भारी एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी इन प्रोडक्ट्स पर लगने वाले 40% और 18% जीएसटी के अलावा होगी। यह घोषणा पिछले साल जीएसटी सुधारों के तहत केंद्र सरकार द्वारा घोषित अतिरिक्त टैक्स के अनुसार की गई है। इससे 10 करोड़ तंबाकू यूजर्स की जेब पर असर पड़ना तय है। सरकार की इस घोषणा के बाद आईटीसी समेत सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयर 10% से 17% तक गिर गए हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि तंबाकू के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को देखते हुए यह टैक्स बढ़ाया जा रहा है।

सिगरेट की कीमत

केंद्रीय वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई के आधार पर एक्साइज ड्यूटी तय होगी। यानी हर सिगरेट की कीमत कम से कम 2.50 रुपये से लेकर 8.50 रुपये तक बढ़ जाएगी।

किस पर कितनी बढ़ोतरी?

65 मिमी लंबी, बिना फिल्टर वाली सिगरेट की कीमत 2.05 रुपये, फिल्टर वाली सिगरेट की 2.10 रुपये, 65-70 मिमी वाली की कीमत 3.60 रुपये से 4 रुपये और 70-75 मिमी वाली सिगरेट की कीमत 5.4 रुपये तक बढ़ जाएगी। कुछ प्रीमियम सिगरेट की कीमत 8.50 रुपये तक बढ़ सकती है, लेकिन उनका इस्तेमाल बहुत कम होता है।

बीड़ी पर बोझ कम

सिगरेट और जर्दा पर 40% जीएसटी लगाया गया है, वहीं बीड़ी पर 18% जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी भी लगाई जाएगी।

गुटखा और पान

नए बदलाव के मुताबिक, गुटखा पर 40% जीएसटी के साथ 91% एक्साइज ड्यूटी, चबाने वाले तंबाकू पर 82% और जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82% एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा, जर्दा कंपनियों की उत्पादन क्षमता के आधार पर उन पर अतिरिक्त स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगाया जाएगा। इस बढ़ोतरी के बाद गुटखा और पान मसाला पर कुल टैक्स 88% हो जाएगा।

राजस्व का बंटवारा

तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज टैक्स से जमा होने वाले राजस्व को वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्यों के साथ बांटा जाएगा। वहीं, पान मसाला पर लगने वाले हेल्थ टैक्स को स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों या अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के लिए राज्यों के साथ बांटा जाएगा।