त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को अहम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 80% आबादी के आभा अकाउंट बन गए हैं। स्कैन एंड शेयर सर्विस से अस्पतालों में मरीजों का इंतजार कम हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।
अगरतला (त्रिपुरा) [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान प्रदान करना और स्वास्थ्य सेवाओं को एक सुरक्षित व एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाना है।
साहा ने यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में कही। इस बैठक में मध्य प्रदेश और ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री, संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और मिशन संचालन समूह के अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
त्रिपुरा में 80% आबादी के बने आभा अकाउंट
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 80 प्रतिशत आबादी के लिए आभा (ABHA) खाते खोले जा चुके हैं। इसके अलावा, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा, "अब तक, 'स्कैन एंड शेयर' सेवाओं के माध्यम से 31 सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लगभग 18 लाख डिजिटल टोकन वितरित किए जा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप, मरीजों के इंतजार का समय कम हो गया है और सेवाएं भी तेजी से प्रदान की जा रही हैं। आईजीएम अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों को डिजिटल रूप से विभिन्न सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत एक मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है।"
डॉ. साहा ने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पश्चिम त्रिपुरा जिले को एक मॉडल जिले के रूप में चुना गया है। साहा ने कहा, "राज्य में 100 प्रतिशत नागरिकों के आभा खाते खोलने के लिए घर-घर जाकर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया गया है।"
अस्पतालों में लागू होगा इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में पीएम-जय (PM-JAY) और सीएम-जय (CM-JAY) के तहत आने वाले सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा, "मरीजों की जानकारी और स्वास्थ्य रिकॉर्ड के आसान आदान-प्रदान के लिए इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (IHMIS) को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य पोर्टलों से जोड़ने की पहल की गई है। आने वाले दिनों में पीएम-जय और सीएम-जय के तहत आने वाले सभी सरकारी अस्पतालों में नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज शुरू किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, तेज, कागज रहित और आसान तरीके से स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठाना संभव होगा।"
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य मिशन निदेशक साजू वाहिद ए. और आयुष्मान भारत त्रिपुरा के कार्यकारी अधिकारी जी शरथ नाइक भी शामिल हुए। (एएनआई)
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