आईटी नियम 2021 के प्रावधानों के अनुपालन में देरी को लेकर बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्विटर की खिंचाई की। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर खिंचाई करते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि मंच को अब तक नियुक्ति करनी चाहिए थी। इसने 31 मई को अदालत के समक्ष अपने भ्रामक बयान के लिए अमेरिका स्थित फर्म को भी फटकार लगाई थी।

नई दिल्ली। भारत के नए आईटी कानून को मानने के लिए ट्विटर राजी हो गया है। ट्विटर ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि वह आठ सप्ताह के भीतर देश के नए सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों का पूरी तरह से पालन करेगा। अदालत के समक्ष जवाब पेश करते हुए ट्विटर ने कहा कि वह आठ सप्ताह के भीतर एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, रेसिडेंट शिकायत अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति की नियुक्ति करेगा, जो सभी भारत के निवासी होंगे।

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उध्रर, आईटी मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही नए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर को चेतावनी दी है. अश्विनी वैष्णव ने दो टूक कहा कि देश का कानून सबके लिए बराबर है और हर किसी को इसे मानना ही होगा.

ट्विटर ने पोस्ट की है वैकेंसी

ट्विटर ने कहा कि उसने तीन पदों के लिए सार्वजनिक रूप से नौकरी की रिक्तियां पोस्ट की है और इस समय आवेदन स्वीकार कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने कहा, 'ट्विटर एक योग्य व्यक्ति को आठ सप्ताह के भीतर इस पद को भरने के लिए रोजगार की पेशकश करने के लिए अच्छे विश्वास में प्रयास करेगा।' ट्विटर ने आगे कहा कि वह भारत में एक संपर्क कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है जो उसका स्थायी भौतिक संपर्क पता होगा। अभी के लिए, यह बेंगलुरु स्थित स्थान से संचालित हो रहा है।

ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि वह अपनी पहली अनुपालन रिपोर्ट 26 मई से 25 जून की अवधि को कवर करते हुए 11 जुलाई तक दाखिल करेगा जैसा कि नए आईटी नियम 2021 द्वारा आवश्यक है। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ने कहा, 'ट्विटर नियमों के तहत आवश्यकताओं के संबंध में एमईआईटीवाई के साथ अक्सर जुड़ा हुआ है, जिसमें एमईआईटीवाई के मुद्दे पर मानक संचालन प्रक्रियाओं को विकसित करना, भाग में, नियम 4 के तहत नियुक्त विभिन्न अधिकारियों की देयता शामिल है।'

हाइकोर्ट ने लताड़ लगाई थी

बता दें कि आईटी नियम 2021 के प्रावधानों के अनुपालन में देरी को लेकर बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्विटर की खिंचाई की। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर खिंचाई करते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि मंच को अब तक नियुक्ति करनी चाहिए थी। इसने 31 मई को अदालत के समक्ष अपने भ्रामक बयान के लिए अमेरिका स्थित फर्म को भी फटकार लगाई थी। ट्विटर ने तब अदालत को सूचित किया था कि उसने 28 मई को एक निवासी शिकायत अधिकारी नियुक्त किया था, जबकि वास्तव में नियुक्ति पूरी तरह से अंतरिम आधार पर थी।