महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर से बेकाबू होते हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग की है। ठाकरे ने पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार कोरोना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर देता है तो राज्य को कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद करने में काफी मदद मिल सकेगी। राज्य में लागू किए गए लाॅकडाउन से प्रभावित गरीबों को अंत्योदय अन्न योजना या राशनकार्ड धारकों को मदद किया जा सकेगा। ठाकरे ने केंद्र को राज्य आपदा राहत कोष की पहली किश्त भी जारी करने का अनुरोध किया है।  

मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर से बेकाबू होते हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग की है। ठाकरे ने कहा है कि कोरोना प्राकृतिक आपदा घोषित होने के बाद राज्य के कोष में आपदा राहत कोष का धन इस्तेमाल इस महामारी से बचाव में किया जा सकेगा। 
पीएम मोदी को लिखे पत्र में ठाकरे ने कहा है कि सभी राज्य केंद्र सरकार से यह अनुमति चाहते हैं कि महामारी से बचाव कार्य में राज्य आपदा राहत कोष के इस्तेमाल खातिर कोरोना को प्राकृतिक आपदा घोषित किया जाए। 

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आपदा घोषित होने के बाद महामारी से प्रभावितों की हो सकेगी मदद

ठाकरे ने पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार कोरोना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर देता है तो राज्य को कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद करने में काफी मदद मिल सकेगी। राज्य में लागू किए गए लाॅकडाउन से प्रभावित गरीबों को अंत्योदय अन्न योजना या राशनकार्ड धारकों को मदद किया जा सकेगा। ठाकरे ने केंद्र को राज्य आपदा राहत कोष की पहली किश्त भी जारी करने का अनुरोध किया है। 

आक्सीजन के लिए भी ठाकरे ने मांगी मदद

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में यह भी मांग किया जाए कि उनके राज्य में आक्सीजन की सप्लाई के लिए मदद की जाए। बताया कि लिक्विड मेडिकल आक्सीजन की खपत अप्रैल के लास्ट तक 2000 मीट्रिक टन हो जाएगी। फिलहाल राज्य में 1200 मिट्रिक टन का उत्पादन हो रहा जिसमें 1000 टन को कोविड के लिए आपूर्ति की जा रही। इसलिए केंद्र सरकार हवाई जहाज से दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र में आक्सीजन आपूर्ति कराने में सहयोग करे।