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UADAI ने 4 महीने में 79 लाख से ज्यादा बच्चों के बनाए बाल आधार, जानें नीले रंग के इस कार्ड की वैलिडिटी

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष के अप्रैल से जुलाई महीने के बीच 79 लाख से ज्यादा बच्चों के बाल आधार कार्ड बनाए गए हैं। बाल आधार कार्ड 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए ही मान्य होता है और इसका रंग नीला होता है।

UIDAI enrolls over 79 lakh children under Bal Aadhaar initiative in 4 months mda
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Mumbai, First Published Aug 16, 2022, 9:24 AM IST

Bal Aadhaar. यूनिक आईडेंटीफिकेशन अथॉरिटी (Unique Identification Authority) ने 0-5 वर्ष के बच्चों के 79 लाख से ज्यादा बाल आधार कार्ड बनाए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 4 महीने में यह सफलता हासिल की गई है। यह मंत्रालय के बाल आधार परियोजना के तहत किया गया है, जिसमें 0 से 5 वर्ष के बच्चों को आधार कार्ड जारी करने का कैंपेन चलाया जा रहा है। 

क्या कहता है मंत्रालय
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष के अप्रैल से जुलाई महीने के बीच 79 लाख से ज्यादा बच्चों के बाल आधार कार्ड बनाए गए हैं। इसमें 0-5 वर्ष की आयु के बीच के 2.64 करोड़ बच्चों के आधार कार्ड 31 मार्च 2022 तक बनाए गए थे। वहीं जुलाई 2022 तक यह आंकड़ा बढ़कर 3.43 करोड़ तक पहुंच गया। मंत्रालय के अनुसार बाल आधार का आंकड़ा पूरे देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। बाल आधार के लिए हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों ने अपने लक्ष्य का करीब 70 फीसदी टार्गेट पूरा कर लिया है। 

राज्यों में क्या है स्थिति
बाल आधार के लिए 0-5 वर्ष के बच्चों का रजिस्ट्रेशन देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी तेजी से बढ़ रहा है। जम्मू कश्मीर, मिजोरम, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी यह आंकड़ा बढ़ा है। मौजूदा समय में भारत के 94 प्रतिशत आबादी तक आधार कार्ड की पहुंच है। युवाओं में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक है। आधार कार्ड ने आम लोगों का जीवन काफी आसान कर दिया है। आधार कार्ड से देश में बिजनेस करना भी आसान हो गया है। यूआईडीएआई के रीजनल कार्यालय भी लगातार लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक कर रहे हैं। आधार कार्ड बनाने में बॉयोमीट्रिक यानि फिंगरप्रिंट और आइरिस फीचर ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह बच्चों को जन्म के साथ ही फोटो पहचान पत्र की सुविधा भी प्रदान करता है।

क्या होता है बाल आधार कार्ड
दरअसल, किसी का आधार कार्ड बनाने के लिए बायोमीट्रिक प्रूफ लिए जाते हैं। जिसमें फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों को स्कैन किया जाता है लेकिन बच्चों के लिए इसमें छूट दी गई है। बच्चों यानि 0-5 वर्ष के बीच वालों के लिए सिर्फ फेशियल इमेज लिया जाता है। साथ में बच्चे के माता पिता का वैलिट आधार कार्ड होना अनिवार्य है। बाल आधार के लिए बच्चों के जन्म के समय मिलने वाला बर्थ सर्टिफिकेट आवश्यक होता है। मंत्रालय के अनुसार यह आधार नीले रंग का होता है और इसकी वैलिडिटी बच्चे के 5 वर्ष होने तक ही मान्य होती है। 5 वर्ष होने के बाद बच्चे का बायोमीट्रिक्स देकर परमानेंट आधार कार्ड इश्यू कराया जा सकता है। 

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