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नीरव मोदी को ब्रिटिश कोर्ट से बड़ा झटका, भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर अर्जी खारिज

फोर्ब्स के मुताबिक 2017 में नीरव मोदी की कुल दौलत 180 करोड़ डॉलर (करीब 11, 700 करोड़ रुपए) थी। नीरव मोदी की कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है।

UK High Court refuses Nirav Modi application to appeal against extradition to India pwa
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London, First Published Jun 23, 2021, 4:57 PM IST
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लंदन. भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को झटका लगा है। ब्रिटिश हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दिया है। नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत में आरोपी है। नीरव मोदी ने लंदन हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी।

 

नीरव मोदी को 2019 में गिरफ्तार किया गया था और तब से दक्षिण लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल ने 15 अप्रैल, 2021 को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत के जस्टिस सैम गूज़ी ने 25 फरवरी को फैसला देते हुए कहा था कि नीरव मोदी आरोपों हैं और उसे भारत को लौटा दिया जाना चाहिए। 

नीरव में अपील में क्या लिखा था?
नीरव मोदी ने इसे चुनौती देने के लिए ब्रिटेन के हाईकोर्ट में एक अपील दायर की थी। नीरव मोदी की याचिका में भारत में उचित मुक़दमा नहीं चलने और राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाने की चिंता जाहिर की थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि भारत में जेलों की स्थिति खराब है और उसके खिलाफ सबूत कमजोर हैं।

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क्या है भारत का आरोप
भारत सरकार का आरोप है कि मोदी और उनके सहयोगियों ने राज्य के स्वामित्व वाले पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर बैंक को 1.4 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक की धोखाधड़ी के लिए लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग के रूप में जाना जाता है, जो कि अंतरराष्ट्रीय सुविधा के लिए बैंक गारंटी का एक रूप है।

180 करोड़ डॉलर का मालिक है नीरव मोदी
फोर्ब्स के मुताबिक 2017 में नीरव मोदी की कुल दौलत 180 करोड़ डॉलर (करीब 11, 700 करोड़ रुपए) थी। नीरव मोदी की कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है। मार्च 2018 में नीरव मोदी ने न्यूयॉर्क में बैंकरप्सी प्रोटेक्शन के तहत याचिका दायर की थी।

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