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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, कुछ राजनीतिक दल हिंसा पीड़ितों के जख्मों पर छिड़क रहे हैं नमक

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और ‘‘उकसाने वाले पेशेवेर लोग’’ साम्प्रदायिक दंगों से प्रभावित लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं लेकिन इन सबके बावजूद सौहार्द्र कायम होगा

Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi said some political parties are provoking violence victims kpm
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New Delhi, First Published Feb 29, 2020, 1:10 PM IST
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नई दिल्ली: अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और ‘‘उकसाने वाले पेशेवेर लोग’’ साम्प्रदायिक दंगों से प्रभावित लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं लेकिन इन सबके बावजूद सौहार्द्र कायम होगा।

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि भड़काने वाले और मुजरिम जेल में होंगे तथा शांति एवं सौहार्द्र कायम होगा। यह ‘‘हमारी प्रतिबद्धता तथा विश्वास’’ होना चाहिए। नकवी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि हिंसा के पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय कुछ राजनीतिक दल तथा ‘‘भड़काने वाले पेशेवेर लोग’’ उनके घाव पर नमक छिड़क रहे हैं।

भारत की विविधता में एकता की ताकत है

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण साम्प्रदायिक दंगों की ‘‘धर्मनिरपेक्ष सवारी’’ बंद होनी चाहिए। मंत्री ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को न्याय मिलें और मुजरिमों को सख्त सजा मिले तथा शांति एवं सौहार्द्र बहाल हो।’’

दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगों में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर शुक्रवार को 42 हो गई। नकवी ने कहा, ‘‘जब हमने हिंसा तथा अराजकता की खबरें सुनी तो उसी वक्त सौहार्द्र और भाईचारे के कई उदाहरण भी देखे। यह मेरे भारत की ‘विविधता में एकता’ की ताकत है।’’

लोकतंत्र भारत की आत्मा है

उन्होंने कहा कि एकता और सौहार्द्र धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें किसी भी परिस्थिति में भारत की आत्मा तथा ताकत को कमजोर नहीं करने देना चाहिए।’’ भाजपा नेता ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा न केवल इंसानों को बल्कि पूरे समुदाय को चोट पहुंचाती है तथा यह भारत की आत्मा को भी चोट पहुंचाती है।

नकवी ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना हम सभी का राष्ट्रीय कर्तव्य होना चाहिए कि सौहार्द्र तथा एकता का ताना बाना किसी भी परिस्थिति में कमजोर न हो।’’

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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