Asianet News HindiAsianet News Hindi

नागालैंड के जुन्हेबोटो पहुंचे राजीव चंद्रशेखर, पिछले 40 साल में यहां नहीं आए थे कोई केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने नागालैंड के जुन्हेबोटो का दौरा किया। इसके लिए उन्होंने सड़क मार्ग से 9 घंटे की यात्रा की। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात की।
 

Union Minister Rajeev Chandrasekhar visits Zunheboto Nagaland vva
Author
First Published Sep 26, 2022, 7:08 PM IST

कोहिमा। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने सोमवार को नागालैंड के जुन्हेबोटो का दौरा किया। वह चार दशक में ऐसा करने वाले पहले केंद्रीय मंत्री बने। नागालैंड के तीन दिवसीय दौरे पर आए चंद्रशेखर ने दीमापुर से सड़क मार्ग से नौ घंटे की यात्रा की। इसके बाद वह इस पहाड़ी शहर में पहुंचे।

राजीव चंद्रशेखर ने जुन्हेबोटो जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें एक जिला कौशल विकास योजना विकसित करने के लिए कहा ताकि स्थानीय जरूरतों की पहचान की जा सके और नौकरियों और उद्यमिता के अवसर पैदा करे। उन्होंने कहा कि हमारा जोर स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और शहरी केंद्रों की ओर पलायन को कम करने पर होना चाहिए।

Union Minister Rajeev Chandrasekhar visits Zunheboto Nagaland vva

केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से की मुलाकात
मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों से आग्रह किया कि जब तक अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ नहीं मिले हर आवाज सुनी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना के अनुसार हर शिकायत का समाधान होना चाहिए। राजीव चंद्रशेखर ने जुन्हेबोटो और वोखा में केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से भी मुलाकात की। लोगों ने मंत्री से बताया कि कैसे उनका जीवन बेहतर हुआ है। मंत्री ने ट्वीट कर कहा, "ऐसे मौकों पर, मुझे मोदी सरकार में मंत्री होने पर वास्तव में गर्व और सौभाग्य की अनुभूति होती है।"

यह भी पढ़ें- तालिबान ने हमारे बाल काटे, हमें जेलों में ठूंसा गया; अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक होना गुनाह

सुमी बैपटिस्ट चर्च में की प्रार्थना
चंद्रशेखर ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें भी कीं। उन्होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रसाद पर आधारित नए भारत के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साझा किया। चंद्रशेखर ने बाद में जुन्हेबोटो में सुमी बैपटिस्ट चर्च का दौरा किया और प्रार्थना की। इसे एशिया के सबसे बड़े बैपटिस्ट चर्च के रूप में जाना जाता है। 

यह भी पढ़ें- शिलॉन्ग में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत हम सब हिंदू, भारत के विकास को लेकर कही यह बात

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios