भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हम सोशल मीडिया का बहुत सम्मान करते हैं। इसने आम लोगों को सशक्त बनाया है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है। हालांकि, अगर फर्जी खबरों, हिंसा फैलाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। 

नई दिल्ली. भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हम सोशल मीडिया का बहुत सम्मान करते हैं। इसने आम लोगों को सशक्त बनाया है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है। हालांकि, अगर फर्जी खबरों, हिंसा फैलाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। 

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रविशंकर प्रसाद कहते हैं, "अगर सोशल मीडिया का उपयोग फर्जी समाचार और गलत सूचना फैलाने के लिए किया जाता है। हम कार्रवाई करेंगे। हमने इन फर्जी समाचारों का भंडाफोड़ करने के लिए एक मंच बनाया है। चाहे वह ट्विटर हो, फेसबुक हो, लिंक्डिन हो या व्हाट्सएप हो, सभी को भारत के नियमों का पालन करना चाहिए।"

हाल ही में सरकार ने ट्विटर को दिए थे निर्देश
केंद्र सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग सोशल साइट ट्विटर (Twitter) को पाकिस्तानी और खालिस्तानी लिंक वाले 1,178 अकाउंट हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि इनके जरिए किसान आंदोलन से जुड़े गलत और भाड़काने वाले कंटेंट को फैलाया जा रहा है। सरकार ने सख्त रवैया दिखाते हुए 257 अकाउंट तत्काल हटाने का निर्देश जारी किया है। 

सरकार ने ट्विटर पर चल रहे #farmergenocide हैशटैग वाले अकाउंट पर कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि, ट्विटर ने कहा है कि बुधवार को 500 से ज्यादा अकाउंट ब्लॉक कर दिए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सेक्रेटरी ने बुधवार को ट्विटर के ऑफिशियल्स के साथ वर्चुअल मीटिंग में #farmergenocide हैशटैग वाला मुद्दा उठाया और इस पर कड़ी आपत्ति की। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि सरकार अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन इसके आधार पर सरकार के खिलाफ नरसंहार जैसे हैशटैग के इस्तेमाल की छूट नहीं दी जा सकती।