उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट पर राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नवंबर को मतदान होगा। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होनी थी। हालांकि अब चुनाव की स्थिति नहीं आएगी। सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाएंगे। ऐसे में राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा 92 हो जाएगी। वहीं कांग्रेस का आंकड़ा 38 के पास पहुंच जाएगा।

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट पर राज्यसभा चुनाव के लिए 9 नवंबर को मतदान होगा। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होनी थी। हालांकि अब चुनाव की स्थिति नहीं आएगी। सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाएंगे। ऐसे में राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा 92 हो जाएगी। वहीं कांग्रेस का आंकड़ा 38 के पास पहुंच जाएगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यूपी-उत्तराखंड में कौन किनती राज्यसभा सीट जीत सकता है?
दरअसल, अखिलेश यादव ने बसपा में सेंधमारी कर साप के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। सपा समर्थित उम्मीदवार प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज हो गया। बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम का पर्चा वैध पाया गया। अब भाजपा के आठ, सपा के राम गोपाल और बसपा के रामजी गौतम का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।

वहीं उत्तराखंड के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के सिवा कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं है, जिसके चलते नरेश बंसल का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

राज्यसभा नतीजों के बाद सीटों का गणित कैसे बदल जाएगा?
राज्यसभा में अभी भाजपा के पास 86 सांसद हैं। 25 नवंबर तक भाजपा के 3 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में अगर यूपी से 8 और उत्तराखंड से 1 सांसद जीतकर राज्यसभा पहुंचते हैं तो वहां पर भाजपा सांसदों की संख्या 86 से बढ़कर 92 हो जाएगी। 

वहीं एनडीए की संख्या 112 तक पहुंच जाएगी। यह बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 10 सीट दूर है। वहीं कांग्रेस की बात करें तो उसकी 10 सीट कम हो जाएगी और वह 38 के आंकड़े पर पहुंच जाएगी।

25 नवंबर को राज्यसभा के 10 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा 
25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के दस राज्यसभा सदस्यों में भाजपा के तीन - केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं चार सांसद सपा से (सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, राम गोपाल यादव, राम प्रकाश वर्मा और जावेद अली खान) हैं। जबकि बसपा के दो सांसदों - राजाराम और वीर सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं कांग्रेस के पीएल पुनिया का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।