केंद्र ने उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश के लिए 451.63 करोड़ रुपये के विशेष सहायता ऋण की पहली किस्त को मंजूरी दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे राज्य में विकास कार्यों में तेजी आएगी।

देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 14 जुलाई (एएनआई): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में पूंजीगत निवेश के लिए 451.63 करोड़ रुपये के विशेष सहायता ऋण की पहली किस्त को मंजूरी दे दी है।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के विकास में लगातार सहयोगी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से राज्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को काफी बढ़ावा मिलेगा और सड़क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और अन्य विकास कार्यों के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

धामी ने आगे कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार धन का उपयोग करेगी, जिससे जन-कल्याण उन्मुख पूंजीगत परियोजनाओं के निष्पादन में पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, जिससे उत्तराखंड का समग्र और सतत विकास मजबूत होगा।

क्या है विशेष सहायता योजना?

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे और पूंजीगत विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता दी है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत, राज्य को 'पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27' के तहत विशेष सहायता ऋण के रूप में 451.63 करोड़ रुपये (45,163 लाख रुपये) की पहली किस्त मंजूर की गई है।

व्यय विभाग द्वारा जारी मंजूरी आदेश के अनुसार, यह राशि राज्य में स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए योजना के भाग- I (अनटाइड) के तहत जारी की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि धन का उपयोग 31 मार्च, 2027 तक स्वीकृत पूंजीगत व्यय परियोजनाओं के लिए योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाना चाहिए।

वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड सरकार को 2025-26 की योजना से 53.27 करोड़ रुपये की खर्च न की गई राशि को 2026-27 की योजना के तहत स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के लिए फिर से आवंटित करना होगा। इस राशि को पहली किस्त में समायोजित किया गया है।

'पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना' राज्यों को सड़क, पुल, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पर्यटन और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं सहित बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए ब्याज-मुक्त विशेष सहायता ऋण प्रदान करती है।

इस वित्तीय सहायता से उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है, साथ ही यह राज्य के समग्र आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में भी योगदान देगा। (एएनआई)

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