कानपुर में 8 पुलिसवालों का हत्यारा विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। लेकिन उसकी मौत के बाद उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार और अस्पताल के डॉक्टर के दो अलग-अलग बयान ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

नई दिल्ली. कानपुर में 8 पुलिसवालों का हत्यारा विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। लेकिन उसकी मौत के बाद उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार और अस्पताल के डॉक्टर के दो अलग-अलग बयान ने सवाल खड़े कर दिए हैं। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि घायल हालत में विकास दुबे को अस्पताल ले जाया गया, वहीं डॉक्टर का कहना है कि विकास जब अस्पताल लाया गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर एक ही व्यक्ति से जुड़े दो अलग-अलग बातें क्यों की जा रही हैं।

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उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार का पूरा बयान
उन्होंने कहा, विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा किया और उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माना। उसने पुलिस टीम पर जान लेने की लिए फायरिंग की। आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त एसटीएफ के दो लोग घायल हैं। कानपुर मुठभेड़ में कुल 21 अभियुक्त नामजद थे और 60 से 70 अन्य अभियुक्त थे। जिसमें से अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं, 6 मारे गए हैं और 120 बी के अंदर 7 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। 12 इनामी बदमाश वांछित चल रहे हैं।

एलएलआर अस्पताल के डॉक्टर का पूरा बयान
विकास दुबे को गोली लगने के बाद एलएलआर अस्पताल लाया गया था। एलएलआर अस्पताल के प्रिंसिपल डॉक्टर आरबी कमल ने कहा, विकास दुबे को यहां मृत लाया गया था। उसको 4 गोली लगी थी। 3 गोली सीने में लगी थी और एक हाथ में। यहां 3 पुलिसकर्मी भी लाए गए हैं रमाकांत, पंकज और प्रदीप, वो खतरे से बाहर हैं। 2 पुलिसकर्मियों को गोली लगी है, दोनों की हालत अभी स्थिर है।