नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने पर विनय सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। उसका तर्क था कि उसकी दया याचिका को पक्षपात और पूर्वाग्रह की वजह से खारिज की गई। उनसे याचिका में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश प्रकाश जावड़ेकर के बयानों का हवाला दिया। उसने कहा कि राजनीतिक बयानों के चलते उसके अधिकारों का हनन हुआ है।

विनय की दया याचिका को ठुकरा चुके हैं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, दोषी विनय की दया याचिका को ठुकरा चुके हैं। इसी के खिलाफ विनय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिका में राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा की गुजारिश की गई थी। अब चारों दोषियों में सिर्फ पवन ही बचा है, जिसके पास दया याचिका का विकल्प बचा हुआ है। 

अभी कोर्ट में चल रहे हैं 2 और मामले
निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए अभी कोर्ट में दो और मामले चल रहे हैं। एक मामला दोषियों को अलग-अलग फांसी दिए जाने का है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है कि चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी दी जाए। वहीं दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया की मां ने नया डेथ वॉरंट जारी करने के लिए याचिका लगाई है। 

16 दिसंबर की रात हुआ था गैंगरेप, 29 दिसंबर को हुई मौत
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।