केरल के वायनॉड में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 319 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। चार दिनों से चल रहे बचाव अभियान के दौरान, एक चमत्कारिक घटना में, एक 40 दिन की बच्ची और एक 6 साल का बालक बाढ़ क्षेत्र से सुरक्षित निकाले गए।

नेशनल न्यूज। केरल के वायनॉड में हुए लैंड्सलाइड ने अब तक 319 लोगों की जान ले ली है। चार दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है इसके बाद भी अभी 200 से अधिक लोग लापता हैं। घटना के बाद से लगातार सेना और एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। इस दौरान शुक्रवार को वायनाड में चमत्कार देखने को भी मिला। जी हां, इसे कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे कि भूस्खलन की घटना के चौथे दिन राहत और बचाव टीम ने मलबे से 40 दिन के बच्चे और 6 साल के लड़के को सुरक्षित बाहर निकाला। इतने दिन मलबे में दबे रहकर जीवित निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही अनारा और हयान
वायनाड में आई त्रासदी के कारण कई घर तबाह हो गए और हजारों लोग परिवार से बिछड़ गए। 300 से अधिक मौत के मुंह में समा गए लेकिन यहां कुदरत का करिश्मा भी देखने को मिला है। यहां भारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच चौथे दिन 40 दिन की बच्ची अनारा और उसके 6 साल के भाई मोहम्मद हयान ने मौत को मात दे दी है। रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। 

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अनारा की मां सीने से चिपकाई रही बच्चों को
मां तनजीरा अपनी 40 दिन की बच्ची अनारा और बेटे हयान को अपने से चिपकाए हुए एक छत की दीवार से चिपकी हुई बैठी थी लेकिन इस बीच तेज बहाव में उसका बेटा हयान बह गया और कुछ दूर पर जाकर एक तारों के जाल में फंस गया। वह जीवित था और तारों को पूरी ताकत से पकड़ा हुआ था। बारिश और ठंड झेलती 40 दिन की अनारा भी कांप रही थी लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि घटना में उनकी मां की जान चली गई।

अब तक 300 से अधिक की जान गई
वायनाड में अब तक 300 से अधिक की जान चली गई है। इसके अलावा 200 से अधिक लोग लापता हैं। रेस्क्यू टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और रोजाना शवों के साथ घायलों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। सेना के हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू अभियान में लगे हुए हैं।