पश्चिम मध्य तटीय इलाकों में हवा की अधिकतम रफ्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। वहीं आशंका जताई जा रही है कि तटों के पास समुद्र में कम से कम 15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

तिरुवनंतपुरूम. देश के दक्षिण भारतीय इलाकों में भारी बारिश और तूफान की आशंका के तहत रेड अर्लट जारी कर दिया है। कई राज्यों में मानसून खत्म होने के बाद भी बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने लक्षद्वीप में दो दिनों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। वहीं विभाग ने केरल के 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। त्रिशूर और पलक्कड़ जिले में 'यलो अलर्ट' जारी है।

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इस अलर्ट के चलते करीब 5 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु, केरल, तटीय एंव दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पुड्डुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में भी भीषण बारिश की संभावना जताई जा गई। वहीं मराठवाड़ा, कोंकण, गोवा और माही में तो आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है।

6 जिलों के स्कूलों की छुट्टी- 

अलर्ट के बाद तमिलनाडु के 6 जिलों तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, थेनी, विरुधुनगर, वेल्लोर और रामनाथपुरम में सभी स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। बुधवार को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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170 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग की तरफ से जारी चेतावनी में कहा गया है कि, अरब सागर के पश्चिम मध्य तटीय इलाकों में हवा की अधिकतम रफ्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके अलावा वहां पर बिजली चमकने के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्री इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

इस बार होगा महा चक्रवात

मौसम विभाग के तेज हवाएं और तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा से गुजरते हुए दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर पहुंचकर और अधिक शक्तिशाली हो सकता है। अरब सागर में चौथे चक्रवात बनने की संभावना भी है। ज्यादातर बंगाल की खाड़ी में अरब सागर की तुलना में ज्यादा चक्रवात बनते हैं। हालांकि इस बार ये स्थिति अलग है। अरब सागर में पहले ही 3 चक्रवात बन चुके हैं और चौथा बनने की परिस्थितियां बनी हुई हैं।

उठ सकती हैं 15 फीट ऊंची लहरें

मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि, अगर अरब सागर में चक्रवाती तूफान बनता है तो इसका तूफान का नाम ‘महा’ होगा। इससे पहले वहां पर चक्रवाती तूफान वायु, हिका और क्यार बन चुके हैं। हालांकि इस तूफान का असर भारत के मुख्य भू-भाग पर कम ही पड़ेगा। लेकिन इस तूफान से बेने सिस्टम से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के साथ-साथ लक्षद्वीप में लगातार भारी से अधिक बारिश हो सकती है। वहीं आशंका जताई जा रही है कि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक तटों के पास समुद्र में कम से कम 15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं।