पश्चिम बंगाल में एक डांसर की सड़क हादसे में मौत। ओवरटेकिंग के दौरान हुई टक्कर, सहकर्मियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप। बताया कि 10 किलोमीटर में कार को कई टक्कर लगी थी। पांच लड़के डांसर को गंदे इशारे कर रहे थे।

West Bengal: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में रविवारा-सोमवार की दरम्यानी रात 27 साल की महिला सुतंद्रा चटर्जी की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर हुआ। यहां तेज रफ्तार से चल रही कार पलट गई। सुतंद्रा चटर्जी डांसर और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की मालिक भी थीं। वह बंगाल के चंद्रनगर की रहने वाली थी। काम के लिए बिहार के गया जा रही थीं तभी रात करीब 12.30 बजे हादसा हुआ।

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सुतंद्रा चटर्जी कार की अगली सीट पर बैठीं थीं। उनके साथ कार में मौजूद दो सहयोगी घायल हुए हैं। पुलिस ने हादसे का शिकार हुई दोनों कारों को जब्त कर लिया है। इस मामले में मंगलवार सुबह तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

ओवरटेकिंग के प्रयास में हुआ हादसा

दुर्गापुर-आसनसोल के पुलिस आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि हादसा ओवरटेकिंग के प्रयास में हुई गलती के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "हमने CCTV फुटेज चेक किया है। एक सफेद कार ने महिला की कार को ओवरटेक करते समय उसे टक्कर मारी दी। महिला की कार दूसरे वाहन का पीछा कर रही थी। हादसे में महिला की मौत हो गई। हमने उस कार में सवार एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।"

सफेद रंग की कार में सवार लोगों ने महिला को किए थे अश्लील इशारे

सुतंद्रा चटर्जी के सहकर्मी मिंटू मंडल ने FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सफेद रंग की कार में सवार लोगों ने चटर्जी को परेशान किया था। उस कार ने 10 किलोमीटर की दूरी में कई बार उनकी गाड़ी को टक्कर मारी। वहीं, सुतंद्रा की कार के ड्राइवर राजदेव शर्मा ने कहा, "कार में 5 लोग सवार थे। वे लगातार हॉर्न बजा रहे थे। हमारी कार के बगल में गाड़ी चलाते हुए मैडम की तरफ अश्लील इशारे कर रहे थे। वे ओवरटेक करते फिर हमारी कार को आगे जाने देते थे। वे पानगढ़ से हमारा पीछा कर रहे थे। हमने उनसे बचने की बहुत कोशिश की। हमें डर था कि वे लोग लूट लेंगे।"

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मंडल के पुलिस को बताया कि सफेद कार में बैठे लोग नशे में लग रहे थे। हादसे के बाद वे लोग भाग गए। हम कार से बाहर निकले, लेकिन मैडम खून से लथपथ और बेहोश थीं। सुतंद्रा अपने पिता सुकांत चटर्जी की कैंसर से मौत के बाद परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं। वह अपनी बीमार मां और दो दादियों की देखभाल कर रही थी।