नई दिल्ली. कोरोना महामारी की वजह से 24 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक रेलवे की सभी सेवाएं बंद हैं। लॉकडाउन के बाद पहली बार ट्रेन की सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गईं। ऐसे में सबके जहन में सवाल है कि क्या लॉकडाउन खुलने के बाद ट्रेनें चलेंगी? तो सबसे पहले साफ कर दें कि इस मामले में रेलवे ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन हां, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर स्थिति ठीक होती है और सेवाएं शुरू की जाती हैं तो वह कैसी होंगी? क्या पहली की तरह ही सब नॉर्मल होगा या उसमें कुछ बदलवाए किए जाएंगे? 

ट्रेन नेटवर्क को तीन जोन में बांटा जाएगा
ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए देश को तीन जोन में बांट दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के चीफ वीके यादव ने हाल ही में अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी। इस दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की। देश के रेल नेटवर्क को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा।

  • रेड जोन में वह जगहे होंगी, जहां पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। रेड जोन में कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी।
  • येलो जोन में वह क्षेत्र रखे जाएंगे जहां पर कोरोना का खतरा तो है, लेकिन बहुत सीमित है। यहां पर सीमित संख्या में ट्रेने चलाई जा सकती है।
  • तीसरा है ग्रीन जोन। ग्रीन जोन में वह क्षेत्र आएंगे जहां पर कोरोना का खतरा ना के बराबर है। यहां पर ट्रेनें पूरी तरह से शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि अभी तक रेलवे ने सिर्फ यह प्लान तैयार किया है अभी इसपर फैसला होना बाकी है।

 

पहले स्पेशल ट्रेनें ही शुरू की जाएंगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेग्युलर सर्विस की बजाय देश की स्पेशल ट्रेनों की ही शुरुआत की जाएगी। 

जनरल क्लास में नहीं होगी यात्रा
जिन ट्रेनों को शुरू भी किया जाएगा, उसकी सीटों की बुकिंग सिर्फ रिजर्वेशन के जरिए ही होगी। जनरल क्लास कोच में किसी तरह की यात्रा नहीं होगी। रेलवे ने इसके पीछे वजह बताई कि रिजर्वेशन के जरिए यात्रियों का डिटेल्स आसानी से मिल जाता है। 

मिडिल बर्थ में नहीं होगी बुकिंग
ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं तो मिडिल बर्थ में बुकिंग नहीं होगी। इसके पीछे वजह है सोसश डिस्टेंसिंग। कोरोना वायरस को रोकने के लिए हालात ठीक होने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए।

ट्रेन में नहीं मिलेगा खाना
स्टेशन पर यात्रियों की थर्मन स्क्रीनिंग होगी। यात्रियों को चादर, कंबल नहीं दिए जाएंगे। साथ ही ट्रेन में खाना भी नहीं मिलेगा। मुंबई, चेन्नै, सिकंदराबाद समेत कई बड़े शहरों में कोरोना के केसों की संख्या देखकर इनके रेड जोन में शामिल होने की पूरी संभावना लग रही है।