पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका सामने आई है। NIA ने पाकिस्तानी आतंकी साजिद सैफुल्लाह जट्ट को मुख्य साजिशकर्ता बताया है और उस पर 10 लाख का इनाम रखा है। जांच में LeT/TRF नेटवर्क, चार हमलावरों और कई स्थानीय मददगारों की भूमिका भी उजागर हुई है।

श्रीनगर/नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका का खुलासा हो गया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर पाकिस्तानी नागरिक साजिद सैफुल्लाह जट्ट का नाम लिया है। बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट मारे गए थे। पाकिस्तान के कसूर का रहने वाला साजिद सैफुल्लाह जट्ट, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का मुखिया है। NIA ने उसे पकड़वाने वाली जानकारी देने पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है और उसे UAPA के तहत प्रतिबंधित आतंकवादी घोषित किया गया है।

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8 महीने की जांच के बाद दायर की गई चार्जशीट

चार्जशीट में दूसरे नाम तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों सुलेमानी शाह, हमजा अफगानी और जिब्रान के हैं, जिन्होंने पहलगाम में हमला किया था और 28 जुलाई को दाचीगाम इलाके में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए थे। जम्मू इलाके की NIA कोर्ट में दायर चार्जशीट में 6 अन्य लोगों के नाम भी हैं, जिनमें स्थानीय मददगार बशीर अहमद जोथर, परवेज अहमद जोथर और मोहम्मद यूसुफ कटारी शामिल हैं। ये वो लोग हैं, जिन्होंने आतंकवादियों को खाना और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट दिया था। इनके अलावा चार्जशीट में तीन और लोगों के नाम भी शामिल हैं।

बशीर और परवेज ने दी थी आतंकियों को पनाह

जांचकर्ताओं ने पाया कि बशीर और परवेज ने 21 अप्रैल की रात को हिल पार्क इलाके में एक झोपड़ी में पहलगाम के हमलावरों को पनाह दी थी। मोहम्मद यूसुफ ने दक्षिण कश्मीर के जंगल वाले इलाके में रास्ता बताकर और उन्हें हमले की जगह तक पहुंचाकर पहलगाम आतंकी हमले के पीछे आतंकवादियों की मदद की थी।

पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से निकला कनेक्शन

NIA ने अपनी सात महीने की जांच के दौरान 1,000 से अधिक लोगों से पूछताछ की, जिससे हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट नेटवर्क का पता चला। एनआई के अनुसार, LeT/TRF और अन्य चार आतंकवादियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, शस्त्र अधिनियम 1959 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। NIA ने चार्जशीट में भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित दंडात्मक प्रावधानों को भी शामिल किया है।