पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों में से एक की पत्नी ने सरकारी नौकरी की मांग की है। इसके साथ ही तीन अन्य परिवारों ने कहा है कि उन्हें अब तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें शव कब सौंपे जाएंगे।

हैदराबाद. तेलंगाना के हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर दिशा के साथ गैंगरेप और फिर जला कर मारने के आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गए। जिसके बाद आरोपियों में से एक की पत्नी ने सरकारी नौकरी की मांग की है। इसके साथ ही तीन अन्य परिवारों ने कहा है कि उन्हें अब तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें शव कब सौंपे जाएंगे। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार आरोपी चिन्नाकेशवुलु की गर्भवती पत्नी ने कहा, 'मैं अब अपने पति को नहीं मांग सकती, अब वह मारे जा चुके हैं। अगर सरकार मुझे मेरे गांव में नौकरी दे सकती है तो दे, ताकि मैं अपनी जरूरतें पूरी कर सकूं।'

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

घर और 10 लाख रुपए दे सरकार 

आरोपी के माता-पिता का कहना है कि वह अपने इकलौते बेटे को खो चुके हैं. अब सरकार को चाहिए कि वह उन्हें डबल बेडरूम और 10 लाख रुपये का मुआवजा दे। हैदराबाद एनकाउंटर में मारे गए अन्‍य तीन आरोपियों के परिजनों का कहना है कि अब तक शव सौंपने के मामले पर कोई बात नहीं हुई है। 

सुरक्षित रखे गए हैं शव 

6 दिसंबर की अल सुबह गैंगरेप के आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए। जिसके बाद इस मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने आरोपियों के शव को सुरक्षित रखने का आदेश दिया था। जिसके बाद से चारों आरोपियों के शव कड़ी सुरक्षा के बीच रखे गए है। वहीं, इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है। साथ ही यह निर्देष दिया गया है कि इस मामले की जांच कोई और नहीं करेगा। वहीं, इस एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीचे तेलंगाना सरकार ने एसआईटी का भी गठन किया है। 

27 नवंबर को मिला था शव 

27 नवंबर की सुबह महिला डॉक्टर का शव खेत में मिला था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपियों ने साजिश के तहत वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप कर उसके साथ हैवानियत की। जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को जला दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद देश भर में गम और गुस्से का महौल था।