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अटल टनल: अटल जी ने देखा था यह सपना, पीएम मोदी ने किया पूरा, अब करेंगे उद्घाटन

10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी रोड सुरंग अटल सुरंग (Atal Tunnel) बनकर तैयार हो गई है। यह टनल मनाली से लेह को जोड़ेगी। इस टनल को बनाने में 10 साल लगे। हालाकि, इस टनल को 6 सालों में पूरा होना था।

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New Delhi, First Published Sep 18, 2020, 11:44 AM IST
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नई दिल्ली. 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी रोड सुरंग अटल सुरंग (Atal Tunnel) बनकर तैयार हो गई है। यह टनल मनाली से लेह को जोड़ेगी। इस टनल को बनाने में 10 साल लगे। हालाकि, इस टनल को 6 सालों में पूरा होना था। लेकिन मुश्किल परिस्थियों के चलते यह संभव नहीं हो पाया। इस टनल को बनाने का विचार इंदिरा गांधी के समय में हुआ था। लेकिन इसे बनाने का ऐलान अटल बिहारी वाजपेयी के पीएम रहते हुआ। वहीं, सोनिया गांधी ने 2010 में इसकी आधारशिला रखी थी।

इस टनल के बनाने से मनाली और लेह के बीच की दूरी घट जाएगी। टनल 9 किमी लंबी है। इसके बनने से चार घंटे का सफर कम हो जाएगा। इस टनल में हर 60 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। टनल में हर 500 मीटर पर इमरजेंसी एग्जिट गेट हैं। इसके अलावा टनल के अंदर पाइप लाइन भी है। अगर टनल में आग लगने जैसी कोई घटना हो जाती है, तो इसपर तुरंत काबू पाया जा सकता है। टनल करीब 9 किमी (8.8) लंबी है। टनल की चौड़ाई 10.5 मीटर है। टनल में दोनों तरफ 1 मीटर का फुटपाथ भी बनाया गया है। इस टनल के बनने के बाद लेह से मनाली की दूरी 46 किमी कम हो जाएगी। इसके साथ ही चार घंटे का सफर कम हो जाएगा।

अटल टनल:  28 जून 2010 को सोनिया ने रखी थी आधार शिला

1983 : इंदिरा गांधी सरकार ने सुरंग पर किया था विचार
3 जून 2000 : अटलजी ने सुरंग बनाने का फैसला किया
28 जून 2010 : सोनिया गांधी ने आधार शिला रखी
जनवरी 2012: सुरंग की 2.5 किमी खुदाई पूरी हुई
जून 2012: : सुरंग की 3.5 किमी खुदाई पूरी हुई
सितंबर 2014 : टनल की आधी यानी 4.4 किमी खुदाई पूरी हुई
दिसंबर 2016: टनल की 7.6 किमी खुदाई पूरी
4 मई 2017 को टनल की खुदाई 7.92 मीटर पूरी हुई
3 सितंबर 2017 खुदाई का सिर्फ 276 मीटर का काम बाकी रह गया। बाकी टनल को एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवा के लिए खोला गया।
13 अक्टूबर 2017 : खुदाई का काम पूरा हुआ। 15 अक्टूबर को तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने निरीक्षण किया।
सितंबर 2018: अचानक खराब मौसम के चलते लाहौल में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए टनल का इस्तेमाल हुआ।  
जनवरी 2019: टनल का 90% काम पूरा हुआ।  
दिसंबर 2019 : रोहतांग टनल का नाम अटल टनल रखा गया।
20 सितंबर 2020: टनल का काम पूरी तरह से पूरी हो जाएगा।
सितंबर के आखिरी में पीएम मोदी इसका उद्धाटन कर सकते हैं। 

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