Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पिपलकोटी में THDC की एक निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा भर गया। इस हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई है। अब तक 19 लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से सात को मृत घोषित कर दिया गया।
Pipalkoti Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पिपलकोटी में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे के बाद NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।
19 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद रेस्क्यू किए गए कुल 19 लोगों को गोपेश्वर के जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इनमें से 7 लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि कई अन्य की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। कुछ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
एक घायल को श्रीनगर किया गया रेफर
अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया कि 19 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 13 लोग अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति में पहुंचे थे। 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि एक युवक की हालत अस्थिर होने के कारण उसे श्रीनगर के बेस अस्पताल रेफर किया गया है।
टनल के अंदर भारी मात्रा में घुसा पानी
NDRF टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा के अनुसार, बचाव दल के मौके पर पहुंचने के समय टनल के अंदर भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था। टनल की साइड से भी लगातार पानी रिस रहा था। ऑपरेशन के दौरान पानी का स्तर काफी बढ़ गया, जिससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया।
पानी से चार शव किए गए बरामद
NDRF टीम ने विशेष उपकरणों की मदद से टनल के अंदर से अब तक चार शव बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान लगातार जारी है और टनल में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालने तक ऑपरेशन जारी रखा जाएगा।
हादसे के समय 20 से 22 मजदूर थे मौजूद
THDC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) कुमार शरद ने बताया कि हादसे के समय टनल के अंदर करीब 20 से 22 मजदूर मौजूद थे। पानी और मलबा अचानक अंदर आने के बाद कई मजदूर फंस गए। NDRF और SDRF की टीमों को तुरंत मौके पर भेजकर बचाव अभियान शुरू किया गया।
कई मजदूरों की हालत गंभीर
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती चरण में 18 मजदूरों को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। इनमें से तीन से चार मजदूरों की हालत गंभीर बताई गई थी। बाद में अस्पताल प्रशासन ने 19 लोगों के पहुंचने और 7 लोगों की मौत की पुष्टि की।
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी
टनल के अंदर फंसे बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए NDRF और SDRF की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। पानी का बढ़ता स्तर और लगातार रिसाव बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रभावित मजदूरों को बाहर निकालने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।
