Father of 70 Children: अफगानिस्तान के मोहम्मद सादिक 70 बच्चों के पिता हैं। गरीबी इतनी है कि बच्चों को भूखे पेट सोना पड़ता है और उनके पैरों में जूते तक नहीं हैं।
Afghanistan News: अफगानिस्तान के रहने वाले मोहम्मद सादिक इन दिनों बेहद मुश्किल हालात में जिंदगी गुजार रहे हैं। वह 70 बच्चों के पिता हैं, जिनमें से 58 बच्चे ही जीवित हैं। इतने बड़े परिवार की जिम्मेदारी उठाना उनके लिए चुनौती बन गया है। आर्थिक तंगी का आलम यह है कि कई बार उनके बच्चों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो पाता। सादिक ने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी की परेशानियों और परिवार की बदहाली के बारे में बताया।
70 बच्चों के पिता को याद नहीं सभी के नाम
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद सादिक ने बताया कि उन्हें अपने सभी बच्चों के नाम याद नहीं रहते। वह अक्सर बच्चों को उनके नाम से बुलाने के बजाय 'बेटा' या 'बच्चा' कहकर पुकारते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके परिवार में चार पत्नियां हैं और सबसे छोटे बच्चे की उम्र महज तीन महीने है।
गरीबी ऐसी कि भूखे पेट सो जाते हैं बच्चे
सादिक के लिए इतने बड़े परिवार का खर्च उठाना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बार उनके बच्चे भूखे पेट सोने को मजबूर हो जाते हैं। परिवार के ज्यादातर बच्चों के पास पहनने के लिए जूते तक नहीं हैं। सीमित आमदनी के कारण वह अपने बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
घर में दरवाजे और खिड़कियां तक नहीं
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सादिक ने अपने घर की हालत दिखाई। उनके घर के कमरों में न तो दरवाजे हैं और न ही खिड़कियां। कमरों को अलग करने के लिए केवल पर्दों का इस्तेमाल किया गया है। घर की बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खाना पकाने के लिए भी उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
घर में चूल्हा तो है, लेकिन लकड़ियां नहीं होने के कारण उसका इस्तेमाल नहीं हो पाता। ऐसे में परिवार के लिए खाना बनाने के लिए कागज जलाकर आग का इंतजाम करना पड़ता है।
कम उम्र में हुईं शादियां, बच्चों की देखभाल में आई परेशानी
मोहम्मद सादिक ने बताया कि उनकी चारों पत्नियों से शादी काफी कम उम्र में हुई थी। उनके मुताबिक, कम उम्र और बच्चों की देखभाल का पर्याप्त अनुभव नहीं होने के कारण परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बच्चों की देखभाल और उन्हें दूध पिलाने में अनुभव की कमी को अपने कुछ बच्चों की मौत से भी जोड़ा।
हालांकि, इतने बड़े परिवार की वजह क्या थी, इस सवाल पर सादिक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि वह अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारियां ठीक से निभाने में नाकाम रहे हैं।
हर कार बिकने पर मिलते हैं 1,000 अफगानी
सादिक फिलहाल एक कार डीलरशिप में काम करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हर कार बिकने पर उन्हें 1,000 अफगानी मिलते हैं, जो लगभग 1,469 भारतीय रुपये के बराबर बताए गए हैं। इतनी कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलाना उनके लिए बेहद मुश्किल है।
इंटरव्यू के आखिर में सादिक ने अपना पछतावा जाहिर करते हुए कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि भविष्य में परिवार को इतने खराब हालात का सामना करना पड़ेगा, तो वह कभी इतने बच्चों के पिता नहीं बनते। उनकी कहानी गरीबी और बड़े परिवार की जिम्मेदारियों से पैदा होने वाली चुनौतियों को उजागर करती है।







