Ajmer News: राजस्थान के अजमेर जिले के नसीराबाद में नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर बदमाशों ने कारोबारी के घर से करीब 2 करोड़ रुपये के सोने के गहने लूटे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़ा।
राजस्थान के अजमेर में ठगी का ऐसा तरीका सामने आया, जिसमें सरकारी जांच के नाम पर एक कारोबारी का घर निशाना बन गया। नसीराबाद में खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर पहुंचे बदमाश कथित तौर पर करीब 2 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस ने नाकाबंदी की और तलाश के दौरान कुछ आरोपियों को पकड़ने की जानकारी दी है।
इनकम टैक्स अधिकारी बनकर घर में घुसे पांच बदमाश
मामला नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र के दिलवाड़ा बाइपास स्थित महेश विहार कॉलोनी का है। ट्रांसपोर्ट और मोटर पार्ट्स कारोबारी अनिल माहेश्वरी, उनके भाई और पिता घटना के समय कार्यालय गए हुए थे। घर पर परिवार की महिलाएं, कारोबारी का बेटा कार्तिक और घरेलू सहायिका मौजूद थीं।
जानकारी के मुताबिक, काले रंग की स्कॉर्पियो में सात बदमाश पहुंचे। गाड़ी पर टैक्सी की नंबर प्लेट लगी थी। इनमें से पांच लोग घर में दाखिल हुए और खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर जांच के नाम पर कमरों की तलाशी लेने लगे।
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लॉकर से गहने निकाले, मोबाइल भी छीने
तलाशी के दौरान बदमाशों ने एक कमरे में रखे लॉकर से सोने के जेवर निकाल लिए। उन्होंने घर में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, जिससे घटना के दौरान परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं। जब आरोपी ज्वेलरी लेकर बाहर निकलने लगे, तो कारोबारी का बेटा कार्तिक उनके पीछे स्कॉर्पियो तक पहुंच गया। उसने बदमाशों से सरकारी कार्रवाई की रसीद मांगी, लेकिन आरोपी गाड़ी तेज रफ्तार से भगाकर फरार हो गए।
CCTV फुटेज से तलाश, पुलिस की कई जगह दबिश
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें संदिग्धों को गाड़ी से उतरकर घर में प्रवेश करते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर अजमेर समेत कई स्थानों पर दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों को पकड़ा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी संख्या, लूटी गई ज्वेलरी की बरामदगी और मामले में आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। यह घटना एक अहम सावधानी भी बताती है: सरकारी जांच के नाम पर घर पहुंचने वाले लोगों की पहचान और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना उन पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
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