Aligarh Police Viral Video: अलीगढ़ में वाहन चेकिंग के दौरान युवकों से कथित अभद्रता और आपत्तिजनक भाषा का वीडियो वायरल होने के बाद बन्नादेवी थाने के उपनिरीक्षक राहुल तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसएसपी ने विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए हैं।
Aligarh SI suspended: अलीगढ़ में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बन्नादेवी थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक युवकों से कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते और एक युवक को लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दारोगा को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
वाहन चेकिंग के दौरान हुआ विवाद, वीडियो में कैद हुई पूरी घटना
जानकारी के मुताबिक, घटना बन्नादेवी थाना क्षेत्र के सूतमील चौराहे की है, जहां पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान तीन युवक एक ही बाइक पर पहुंचे, जिन्हें जांच के लिए रोका गया। बताया जा रहा है कि चेकिंग के दौरान किसी बात को लेकर उपनिरीक्षक राहुल तिवारी और युवकों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दारोगा ने युवकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और एक युवक को लात भी मार दी। मौके पर मौजूद युवकों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो के बाद एसएसपी का बड़ा एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज जादौन ने तत्काल संज्ञान लिया। एसएसपी ने उपनिरीक्षक राहुल तिवारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस बोली- अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय धनंजय सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में उपनिरीक्षक द्वारा आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। इसी आधार पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर पुलिस के सार्वजनिक व्यवहार और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर विभागीय जांच के नतीजों पर टिकी है।


