ब्राजील की अमांडा उंगारो, जो ट्रंप परिवार की करीबी हैं, धोखाधड़ी और वीजा उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार हुई हैं। उनके पूर्व पार्टनर ने ही मेलानिया की ट्रंप से मुलाकात कराई थी। वह ग्रेनेडा की पूर्व UN एंबेसडर भी रह चुकी हैं।
वॉशिंगटन: अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने हाल ही में एक बयान जारी कर विवादित बिजनेसमैन जेफरी एप्सटीन से किसी भी तरह का रिश्ता होने से इनकार किया था। इस बयान के बाद, ब्राजील की रहने वाली अमांडा उंगारो का नाम दुनियाभर में सुर्खियों में आ गया है। इसकी वजह है ट्रंप परिवार से उनकी करीबी। अमांडा कई सालों तक इंटरनेशनल पॉलिटिक्स और डिप्लोमेसी की दुनिया का एक जाना-माना चेहरा रही हैं।
अमांडा ग्रेनेडा की तरफ से संयुक्त राष्ट्र (UN) में एंबेसडर भी रह चुकी हैं। उनका काम खासकर पर्यावरण के मुद्दों और 'ब्लू इकोनॉमी' पर फोकस्ड था। वो इटैलियन-अमेरिकन बिजनेसमैन पाओलो ज़म्पोली के साथ लंबे समय तक रिलेशनशिप में थीं। यही वो शख्स हैं जिन्होंने मेलानिया की डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करवाई थी। अमांडा और पाओलो 19 साल तक साथ रहे और उनका एक बेटा भी है। 2021 में दोनों अलग हो गए। ज़म्पोली के साथ रिश्ते की वजह से ही अमांडा की पहुंच ट्रंप के सोशल सर्कल तक हुई। वो 2017 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भी मेहमान बनकर पहुंची थीं। कहानी कुछ-कुछ मेलानिया जैसी ही है। जैसे मेलानिया बेहतर जिंदगी की तलाश में स्लोवेनिया से अमेरिका आई थीं, वैसे ही अमांडा ब्राजील से यहां पहुंची थीं।
गिरफ्तारी और विवाद
पिछले साल जून में, अमांडा को मियामी में एक मेडिकल स्पा बिजनेस से जुड़े धोखाधड़ी के केस में गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दौरान यह बात भी सामने आई कि उनका वीजा कई साल पहले ही एक्सपायर हो चुका था। जब अमांडा हिरासत में थीं, तो पाओलो ज़म्पोली ने खुद माना कि उन्होंने अमांडा की हालत जानने के लिए एक सीनियर इमिग्रेशन अफसर से संपर्क किया था। हालांकि, उन्होंने सफाई दी कि ऐसा किसी खास मदद के लिए नहीं किया गया था। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने इन दावों को खारिज कर दिया कि अमांडा को राजनीतिक वजहों से निशाना बनाया जा रहा है। डिपार्टमेंट ने साफ किया कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन कानूनों के उल्लंघन की वजह से की गई है।
