इस्लामाबाद में शुक्रवार 13 मार्च को कथित ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान को कुछ समय के लिए एयरपोर्ट और एयरस्पेस बंद करना पड़ा। फैजाबाद और I-8 इलाके में ड्रोन गिरने और धमाकों की खबरें आईं। इस घटना से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ सकता है।

Islamabad Drone Attack: मिडिल-ईस्ट में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल की जंग अभी थमी भी नहीं है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है। दरअसल, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया। इस घटना के बाद इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा और कई घंटों तक उड़ान सेवाएं प्रभावित रहीं।

एयरपोर्ट और एयरस्पेस कुछ समय के लिए बंद

ड्रोन हमले की खबर के बाद सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान को अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन कई घंटों तक रोक दिया गया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने के बाद शुक्रवार रात करीब 9 बजे एयरपोर्ट अथॉरिटी ने उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने की जानकारी दी।

राजधानी के कई इलाकों में ड्रोन गिरने की खबर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हुर्रियत रेडियो ने बताया कि इस्लामाबाद और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ड्रोन गिरने और धमाकों की आवाजें सुनी गईं। राजधानी के अहम इलाकों फैजाबाद और I-8 सेक्टर में दो ड्रोन गिरने की पुष्टि हुई है। ड्रोन गिरने के बाद हुए धमाकों से कुछ समय के लिए इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

सुरक्षा जांच के लिए उड़ानें रोकी गईं

पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने ऑपरेशनल कारणों का हवाला देते हुए उड़ानों का संचालन रोकने का नोटिस जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन देखे जाने और कुछ इलाकों में गिरने की घटनाओं के बाद आसमान को कई घंटों तक बंद रखा। PAA के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार रात को बताया कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद एयरपोर्ट को फिर से चालू कर दिया गया।

ड्रोन को निष्क्रिय किया गया

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने ड्रोन को नीचे गिराने के बाद उसे निष्क्रिय कर दिया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में यह कहा गया कि ड्रोन अफगानिस्तान की दिशा से आए थे, लेकिन पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद आतंकी संगठनों को पनाह देने के आरोपों को लेकर है। पाकिस्तान की सरकार और सेना का दावा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान में घुसकर हमले करते हैं। हालांकि अफगानिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है।

पिछले साल भी हुए थे हवाई हमले

तनाव पिछले साल अक्टूबर में भी काफी बढ़ गया था। उस समय पाकिस्तान की सेना ने TTP के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते हुए अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे। इन हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने भी सीमा पर कार्रवाई की थी, जिससे दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे और सीमा पर युद्ध जैसे हालात बन गए थे। बाद में कुछ अरब देशों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच सीजफायर कराया गया था।

फरवरी में फिर बढ़ा सीमा विवाद

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर फरवरी 2026 में बढ़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में हमले किए। पाकिस्तान का कहना था कि उसने TTP के ठिकानों को निशाना बनाया। लेकिन अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों में आम नागरिकों को निशाना बनाया। इसी विवाद के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और पिछले दो हफ्तों से सीमा पर झड़पों और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।