Vedansh Fundraising: 23 महीने के वेदांश सिंह को एक रेयर बीमारी है। उसके इलाज के लिए चल रही फंडरेजिंग मुहिम को अब बड़ा सपोर्ट मिला है। अनंत अंबानी ने वेदांश के इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया है।
Anant Ambani Donation For Child: 23 महीने के वेदांश सिंह को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप 1 नाम की रेयर बीमारी है। उसके इलाज के लिए चल रही फंडरेजिंग मुहिम को अब एक बड़ी मदद मिली है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मयूरेश गुर्जर ने बताया कि अनंत अंबानी ने वेदांश के इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है। वेदांश के इलाज में करीब 9 करोड़ रुपये का खर्च आना है। मुंबई के रहने वाले 26 साल के मयूरेश गुर्जर और उनकी टीम इस रकम को जुटाने के लिए कई दिनों से कैंपेन चला रही थी। अब तक लोगों की मदद से करीब 2.22 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे।
लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान हुई मुलाकात
मयूरेश गुर्जर ने एक वीडियो शेयर करके बताया कि 21 सितंबर को इस कैंपेन में एक नया मोड़ आया। उनकी टीम मुंबई में मशहूर लालबागचा राजा के दर्शन के लिए गई थी। वहां अनंत अंबानी ने उनकी टीम के बैनर देखे और अपनी कार रोक ली। उन्होंने करीब पांच मिनट तक टीम से बात की। इस दौरान अनंत अंबानी को वेदांश की हालत और इलाज के खर्च के बारे में पूरी जानकारी दी गई।
'इलाज का पूरा खर्च मैं उठाऊंगा'
मयूरेश गुर्जर के मुताबिक, अनंत अंबानी ने भरोसा दिया है कि वेदांश के इलाज में चाहे जितना भी खर्च आए, वो उसे पूरा करेंगे। उन्होंने वेदांश को अपने अस्पताल में लाने के लिए भी कहा है। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के नंबर भी एक्सचेंज किए। गुर्जर ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, "हमारा मिशन सफल रहा।" कई हफ्तों से बच्चे के इलाज के लिए फंड जुटा रही टीम के लिए यह एक बड़ी उम्मीद की किरण है।
'हम खुशी से कांप रहे थे'
अनंत अंबानी से मदद का भरोसा मिलने के बाद गुर्जर ने अपनी टीम की खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "बिना सोए गुजारी गई हर रात, हर थका देने वाला दिन, बारिश, गर्मी- सब कुछ अचानक से सफल लगने लगा। हम सच में खुशी से कांप रहे थे।"
टीम को है कन्फर्मेशन का इंतजार
मयूरेश गुर्जर ने बताया कि अनंत अंबानी की टीम से अभी ऑफिशियल कन्फर्मेशन आना बाकी है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही संपर्क होगा और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। गुर्जर ने कहा कि वेदांश अब 23 महीने का हो चुका है, इसलिए इलाज के लिए हर एक पल बहुत कीमती है।
'कुछ भी नामुमकिन नहीं है'
मयूरेश गुर्जर ने कहा कि वेदांश के लिए चलाए गए इस कैंपेन ने उनके अंदर एक नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा, "इस मिशन ने मुझे एक बात सिखाई है कि कुछ भी नामुमकिन नहीं है।"
