औरैया के एसपी कार्यालय में एसपी की कुर्सी पर बैठकर रील बनाने वाली महिला का वीडियो वायरल हो गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने जांच कराई, महिला ने सार्वजनिक माफी मांगी और सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिया। जानिए पूरा मामला।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से सोशल मीडिया से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। यहां पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के ऑडिटोरियम में एक महिला द्वारा एसपी की कुर्सी पर बैठकर बनाई गई रील वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के बाद महिला ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी हटा दिया।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, ककोर स्थित एसपी कार्यालय में मंगलवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के सम्मान और विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में अधिकारी, रिटायर्ड पुलिसकर्मी और उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम समाप्त होने और ऑडिटोरियम खाली होने के बाद एक सेवानिवृत्त दरोगा के परिवार की महिला मंच पर पहुंचीं और वहां लगी एसपी की कुर्सी पर बैठकर वीडियो रील बनाने लगीं। बाद में यह वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर दिया गया।
वायरल होते ही उठे सवाल
रील वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकारी कार्यालय की गरिमा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने इसे अनुचित बताया, जिसके बाद मामला पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि वीडियो कार्यक्रम खत्म होने के बाद बनाया गया था और उस समय ऑडिटोरियम खाली था।
महिला ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने पर महिला और उनके ससुर, जो स्वयं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं, ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। महिला ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया और अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिया। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की हिदायत दी।
सोशल मीडिया की दौड़ पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर इस बहस को सामने ले आई है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में लोग कई बार सार्वजनिक संस्थानों की गरिमा और मर्यादा को नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि इस मामले में किसी कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पदों और संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। औरैया की यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार से जोड़कर भी देख रहे हैं।


