बागलकोट में सास के कथित उत्पीड़न से तंग आकर एक माँ ने अपने 3 बच्चों को फाँसी दे दी। बाद में उसने खुद भी आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

बागलकोट (Karnataka) पारिवारिक झगड़े और सास-बहू के विवाद ने मासूमों की जान ले ली। बागलकोट जिले के बादामी तालुक के हिरेमुच्छलगुड्डा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां एक मां ने खुद अपने तीन मासूम बच्चों को फांसी पर लटकाकर मार डाला और फिर खुद भी आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना से पूरा गांव सदमे में है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

घटना की पूरी जानकारी

यह भयानक काम करने वाली महिला का नाम रूपा हनुमंतगौड़ा (27) है। उसने अपने तीन बच्चों- समृद्धि (5), प्रीतम (4) और सुक्षित (2) को घर की छत से लटकाकर मार डाला। बच्चों की जान लेने के बाद, रूपा ने खुद भी डीज़ल पीकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल रूपा की जान खतरे से बाहर है और उसका बागलकोट के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। लेकिन, तीन मासूम बच्चों की मौत की खबर दिल दहला देने वाली है।

क्या सास का उत्पीड़न ही वजह है?

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस पूरी घटना की मुख्य वजह सास रेणव्वा का उत्पीड़न बताया जा रहा है। रूपा की शादी 10 दिसंबर 2018 को हनुमंत गौड़ा से हुई थी। हनुमंत बादामी की एक फाइनेंस कंपनी में काम करके घर चला रहे थे। लेकिन, शादी के बाद से ही सास रेणव्वा और बहू रूपा के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। हाल ही में यह झगड़ा बहुत बढ़ गया था। कहा जा रहा है कि सास के रोज़-रोज़ के ताने और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रूपा ने ज़िंदगी से हार मान ली और यह खौफनाक कदम उठाया।

मां और बच्चों की मौत की खबर मिलते ही हिरेमुच्छलगुड्डा गांव में मातम छा गया है। गांव वाले इस बात पर बहुत गुस्से में हैं कि पारिवारिक समस्या को सुलझाने के और भी रास्ते थे, लेकिन मां ने मासूम बच्चों की बलि चढ़ा दी। लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

पुलिस की जांच

घटना की जगह पर बादामी पुलिस ने पहुँचकर जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है। बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अस्पताल में भर्ती माँ रूपा के बयान और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जाँच कर रही है। यह मामला पारिवारिक विवाद के तहत दर्ज किया गया है और पूरी सच्चाई जाँच के बाद ही सामने आएगी। कुल मिलाकर, यह बहुत दुख की बात है कि घर का झगड़ा बाहर आने से पहले ही तीन मासूम जिंदगियों को खत्म कर गया।