MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • Home
  • News
  • Hilsa Import: खुद बड़ा एक्सपोर्टर, फिर गुजरात से हिलसा क्यों खरीद रहा बांग्लादेश? जानें असली वजह

Hilsa Import: खुद बड़ा एक्सपोर्टर, फिर गुजरात से हिलसा क्यों खरीद रहा बांग्लादेश? जानें असली वजह

Bangladesh Hilsa Import: हिलसा मछली के सबसे बड़ा उत्पादक बांग्लादेश गुजरात के भरूच से सैकड़ों टन मछली क्यों खरीद रहा है? जानें पद्मा, गंगा और गुजरात हिलसा के स्वाद, कीमत और कारोबार का पूरा अंतर।

4 Min read
Author : Surya Prakash Tripathi
Published : Sep 20 2026, 01:10 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
17
Hilsa Fish Import: हिलसा का बड़ा एक्सपोर्टर बांग्लादेश भारत से क्यों खरीद रहा?
Image Credit : X

Hilsa Fish Import: हिलसा का बड़ा एक्सपोर्टर बांग्लादेश भारत से क्यों खरीद रहा?

नई दिल्ली: हिलसा (Hilsa Fish) का नाम सुनते ही बंगालियों के मुंह में पानी आ जाता है। इसे मछलियों की रानी कहा जाता है। बांग्लादेश को हिलसा का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है, और वहां की 'पद्मा की इलिश' दुनियाभर में मशहूर है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जो देश दूसरों को हिलसा बेचता है, वही आज भारत-खासकर गुजरात के भरूच-से सैकड़ों टन हिलसा इम्पोर्ट कर रहा है। आखिर इस अनोखे व्यापार और दोतरफा कारोबार के पीछे की असली वजह क्या है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
27
Bangladesh Hilsa: पद्मा की हिलसा सबसे खास क्यों?
Image Credit : X

Bangladesh Hilsa: पद्मा की हिलसा सबसे खास क्यों?

हिलसा समुद्र में रहने वाली मछली है, लेकिन अंडे देने के लिए नदियों के मीठे पानी की तरफ जाती है। इसी वजह से उसके स्वाद और बनावट में फर्क देखा जाता है। बंगाल में पद्मा हिलसा को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसे ज्यादा फैटी, खुशबूदार और स्वाद में खास माना जाता है। इसकी कीमत कई बार 2,000 से 3,000 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। बांग्लादेश ने 2012 में हिलसा के निर्यात पर रोक लगा दी थी। बाद के वर्षों में भारत को दुर्गा पूजा के आसपास सीमित मात्रा में निर्यात की अनुमति दी गई। 2025 में 1,200 टन की अनुमति मिली थी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक करीब 150 टन ही भारतीय बाजार तक पहुंच सकी।

Related Articles

Related image1
Nila Vikhe Patil: महाराष्ट्र के मंत्री की भतीजी स्वीडन की सांसद, जानें शिक्षा और राजनीतिक सफर
Related image2
Trump Yemen Operation: सऊदी पर हूती हमलों के बीच क्या ट्रंप बड़ा ऑपरेशन करने वाले हैं? 5 संकेत
37
Gujarat Hilsa: भरूच की मछली बांग्लादेश क्यों पहुंच रही?
Image Credit : X

Gujarat Hilsa: भरूच की मछली बांग्लादेश क्यों पहुंच रही?

अब तस्वीर पलट गई है। बांग्लादेश में स्थानीय हिलसा उत्पादन घटने और कीमत बढ़ने के बीच गुजरात की मछली सस्ता विकल्प बन रही है। 2026 के शुरुआती साढ़े नौ महीनों में भारत से करीब 4.27 लाख किलो हिलसा बांग्लादेश पहुंचने की रिपोर्ट है। इसमें ज्यादातर मछली नर्मदा नदी के पास भरूच इलाके से पकड़ी गई थी। गुजरात की हिलसा भारतीय बाजार में पद्मा या गंगा वाली हिलसा जितनी पसंद नहीं की जाती। इसकी वजह ज्यादा रो यानी मछली के अंडे और अलग स्वाद बताई जाती है। लेकिन बांग्लादेश में यही मछली कम कीमत के कारण काम आ रही है।

47
Hilsa Business: स्वाद नहीं, कीमत और प्रोसेसिंग भी बड़ा कारण
Image Credit : X

Hilsa Business: स्वाद नहीं, कीमत और प्रोसेसिंग भी बड़ा कारण

बांग्लादेशी जानकारों के मुताबिक गुजरात की हिलसा थोक स्तर पर करीब 500-700 टका किलो पड़ सकती है, जबकि पद्मा और मेघना की हिलसा काफी महंगी है। इसलिए गुजरात की मछली घरेलू खपत के साथ प्रोसेसिंग, मछली के अंडों और सूखी या नमकीन हिलसा बनाने के लिए भी इस्तेमाल होती है। यानी एक ही मछली की कीमत और मांग सीमा पार करते ही बदल जाती है। भारत में जहां पद्मा और गंगा हिलसा स्वाद और परंपरा से जुड़ी है, वहीं बांग्लादेश में गुजरात की हिलसा फिलहाल सप्लाई और कारोबार की जरूरत पूरी कर रही है।

57
गुजराती हिलसा: मुख्य बातें (Quick Pointers)
Image Credit : X

गुजराती हिलसा: मुख्य बातें (Quick Pointers)

  • पद्मा हिलसा की दीवानगी: बंगालियों के बीच पद्मा नदी की हिलसा की मांग सबसे ज्यादा है, जिसकी कीमत ₹3,000 प्रति किलो तक होती है।
  • सस्ता विकल्प: गुजरात के भरूच से आने वाली हिलसा बांग्लादेश में कम कीमत पर उपलब्ध होती है, जिससे औद्योगिक मांग पूरी होती है।
  • बांग्लादेश का उत्पादन: रिपोर्ट के अनुसार हिलसा उत्पादन 2022 के करीब 5.71 लाख टन से घटकर 2025 में लगभग 5 लाख टन रह गया।
  • प्रोसेसिंग और अंडे: गुजराती हिलसा का इस्तेमाल स्थानीय व्यंजनों, मछली के अंडे निकालने और धूप में सुखाकर नमकीन बनाने के लिए किया जाता है।
67
कितने प्रकार की होती है हिलसा मछली? क्या है इसका वैज्ञानिक नाम?
Image Credit : X

कितने प्रकार की होती है हिलसा मछली? क्या है इसका वैज्ञानिक नाम?

  • हिलसा की पहचान: इसका वैज्ञानिक नाम Tenualosa ilisha है और यह बंगाल व बांग्लादेश की खान-पान संस्कृति का अहम हिस्सा है।
  • पद्मा हिलसा: इसे ज्यादा फैटी, खुशबूदार और स्वादिष्ट माना जाता है। ताजी मछली की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
  • गंगा हिलसा: स्वाद में पद्मा के करीब मानी जाती है, लेकिन आम तौर पर इसकी कीमत कम रहती है।
  • गुजरात हिलसा: भरूच और नर्मदा बेसिन की मछली पश्चिम बंगाल में अपेक्षाकृत कम पसंद की जाती है, लेकिन बांग्लादेश में इसकी कम कीमत बड़ा फायदा है।
77
बांग्लादेश व्यापार में भी अपना रहा दोहरा रवैया
Image Credit : X

बांग्लादेश व्यापार में भी अपना रहा दोहरा रवैया

  • बंगाल में गिरावट: पश्चिम बंगाल में हिलसा उत्पादन भी लंबे समय में काफी घटा है, जिसका एक कारण अत्यधिक मछली पकड़ना बताया गया है।
  • पहचान में मुश्किल: आम खरीदार के लिए गुजरात और गंगा की हिलसा में अंतर करना हमेशा आसान नहीं होता।
  • प्रोसेसिंग का कारोबार: गुजरात की हिलसा का इस्तेमाल बांग्लादेश में रो निकालने और सूखी/नमकीन मछली जैसे उत्पादों के लिए भी किया जाता है।
  • दोतरफा व्यापार का विरोधाभास: बांग्लादेश भारत को प्रीमियम हिलसा सीमित मात्रा में भेजता है, जबकि खुद भारत से सस्ती हिलसा खरीद रहा है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

About the Author

SP
Surya Prakash Tripathi
सूर्य प्रकाश त्रिपाठी। 20 जुलाई 2003 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत। कुल 22 साल का अनुभव। 19 फरवरी 2024 से एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में परास्नातक की डिग्री के साथ इन्होंने डबल MA LLB भी किया हुआ है। इन्होंने क्राइम, धर्म और राजनीति के साथ सामाजिक मुद्दों पर लिखने की रुचि है। हिंदी दैनिक आज, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, अमर उजाला, दैनिक भास्कर डिजिटल (DB DIGITAL) जैसे मीडिया संस्थानों में भी सूर्या सेवाएं दे चुके हैं।
विश्व समाचार
व्यापार समाचार
बांग्लादेश
राष्ट्रीय समाचार
 

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Trump Yemen Operation: सऊदी पर हूती हमलों के बीच क्या ट्रंप बड़ा ऑपरेशन करने वाले हैं? 5 संकेत
Recommended image2
Now Playing
आसमान में दिखाई भारत ने अपनी ताकत, Surya Kiran Aerobatic ने दिखाए हैरतअंगेज हवाई करतब
Recommended image3
Now Playing
भारत को चाहिए था सिर्फ 1 रन… लेकिन इतिहास में दर्ज हो गया ये मैच! 😱 | India vs Australia 1986
Recommended image4
Nila Vikhe Patil: महाराष्ट्र के मंत्री की भतीजी स्वीडन की सांसद, जानें शिक्षा और राजनीतिक सफर
Recommended image5
Now Playing
Radha Ashtami पर Gaudiya Math में भजन-कीर्तन में रमे CM Suvendu Adhikari, ढोलक भी बजाई
Related Stories
Recommended image1
Nila Vikhe Patil: महाराष्ट्र के मंत्री की भतीजी स्वीडन की सांसद, जानें शिक्षा और राजनीतिक सफर
Recommended image2
Trump Yemen Operation: सऊदी पर हूती हमलों के बीच क्या ट्रंप बड़ा ऑपरेशन करने वाले हैं? 5 संकेत
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved