Barabanki Accident News : बाराबंकी सड़क हादसे में मारे गए चारों युवक कौन हैं? इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह क्या है?
Lucknow Sultanpur Highway Accident : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से दिल दहला देने वाले एक्सीडेंट की खबर सामने आई है। जहां सड़क हादसे में बचपन के चार दोस्तों की मौत हो गई। वहीं तीन युवक गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गय गया है। बतायाी जा रहा है कि मृतक इनोवा कार से 100 की स्पीड में इनोवा कार दोड़ा रहे थे। रफ्तार में कंट्रोल नहीं कर पाए और सामने चल रहे ट्रक में घुस गई।

हाईवे पर खत्म हो गई 4 दोस्तों की जिंदगी
दरअसल, यह भीषण हादसा मंगलवार सुबह लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर भिखरा गांव के पास हुआ। जहां एक इनोवा कार में 7 दोस्त सवार होकर कैंची धाम दर्शन करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी सामने चल चल रहे ट्रक में पीछे से घुस गई। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि मरने वाले चारों युवकों के शव बुरी तरह बिखर चुके थे। कोई कार की टीस में फंसा था तो किसी की बॉडी में कांच फंसे हुए थे। वहीं जो घायल थे उनकी हालत भी भयानक थी। अगर जरा सी भी देरी तो शायत वह तीन भी जिंदा नहीं बचते।
हंसते-हंसते आ गई ट्रक बनकर आई मौत
हादसे होते ही राहगीरों कीं भीड़ लग गई। कुछ देर बाद स्थनीय पुलिस पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। खबर लगते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर रोते-बिलखते रहे। वहीं घायलों को लखनऊ रवाना किया गया। पुलिस ने हादसे में मरने वाले चारों युवकों की पहचान चंदौली के राहुल कुमार (36), गाजीपुर के राहुल सिंह (35), बलिया के सत्यम सिंह (38) और सुल्तानपुर के सूरज मिश्रा (31) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि चारों कैंधी धाम जाने के लिए वाराणसी में सत्यम के घर इकट्ठा हुए थे। यहीं से सभी ने अपनी यात्रा शुरू की थी। लेकिन किसे पता था कि यह उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी।
बाराबंकी का एक्सीडेंट Gen Z के लिए सबसे बड़ा सबक
बता दें कि अधिकतर एक्सीडेंट स्पीड की वजह से होते हैं। अक्सर देखा जाता है कि जब जेन-जी अपने दोस्तों के साथ मिलते हैं और कहीं कार से जाने का प्लान बनाते हैं तो इस दौरन उनकी गाड़ी की रफ्तार बहुत ज्यादा होती है। क्योंकि वह जोश-जोश में होश खो बैठते हैं। इस घटना में ऐसा ही हुआ है, अगर कार की रफ्तार कम होती तो शायद चारों मारे नहीं जाते। लेकिन स्पीड इतनी ज्यादा दी थी कि उस पर से वह नियंत्रण खो बैठे और यह हादसा हो गया। इसलिए जेन-जी ही नहीं सभी के लिए यह घटना सबक है।


