बेंगलुरु में एक शख्स अपने ऑफिस के पास 1BHK फ्लैट ढूंढ रहा था, लेकिन 32,000 रुपये महीने तक का किराया सुनकर उसके होश उड़ गए। आखिर में उसने बिना पार्किंग और बालकनी वाला घर 30,000 में लिया।

बेंगलुरु: ऑफिस के पास घर ढूंढना कितना बड़ा सिरदर्द हो सकता है, ये बेंगलुरु में रहने वाले एक शख्स से पूछिए। किराया सुनते ही उनका सिर चकरा गया। और ऐसा भी नहीं है कि वो शहर के किसी बहुत महंगे इलाके में घर देख रहे थे। उन्होंने काडुबीसनहल्ली के आसपास घर खोजना शुरू किया, लेकिन उन्हें एक के बाद एक झटके लगते गए। वजह? जहां भी वो 1BHK फ्लैट देखने गए, वहां महीने का किराया 28,000 से 32,000 रुपये के बीच था। इससे कम में कोई घर ही नहीं था। आखिर में हारकर उस शख्स ने 30,000 रुपये महीने के किराए पर एक घर फाइनल कर लिया। लेकिन उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह शख्स बेंगलुरु में नौकरी करता है और अपने ऑफिस के पास ही रहना चाहता था। इसलिए उसने काडुबीसनहल्ली के 6 किलोमीटर के दायरे में घर ढूंढना शुरू किया। यह इलाका बेलंदूर, एचएसआर लेआउट, माराठाहल्ली, AECS लेआउट और सर्जापुर जैसे कई अहम इलाकों को जोड़ता है। लेकिन यहां किसी भी 1BHK फ्लैट का किराया पूछो तो जवाब आसमान छूता हुआ मिलता था। एक अदद बेडरूम का घर ढूंढते-ढूंढते वह शख्स पूरी तरह थक गया।

30 हजार वाले घर में क्या-क्या नहीं है?

घर खोज-खोजकर जब वह शख्स थक गया, तो उसने आखिर में एक 1BHK फ्लैट फाइनल कर ही लिया। काफी बातचीत और रिक्वेस्ट के बाद मकान मालिक 30,000 रुपये महीने के किराए पर राजी हुआ। शख्स ने भी यह सोचकर हां कर दी कि अब और नहीं ढूंढा जाता, और कहीं और गया तो इससे भी ज़्यादा पैसे देने पड़ेंगे। लेकिन 30,000 रुपये हर महीने देने के बावजूद इस घर में पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। कार तो छोड़िए, बाइक खड़ी करने तक की जगह नहीं है। और तो और, कहने को तो यह एक अपार्टमेंट है, लेकिन इसमें बालकनी भी नहीं है।

अब सवाल उठता है कि इतनी कमियों के बावजूद यह घर क्यों लिया? दरअसल, इस शख्स ने कई दूसरे घर देखने के बाद इसे फाइनल किया था। क्योंकि दूसरे घरों में इससे भी बड़ी दिक्कतें थीं। किसी घर में किचन बहुत छोटा था, तो किसी में किचन के ठीक बगल में ही वॉशिंग मशीन की जगह दी गई थी। इसलिए मजबूरन यह घर चुनना पड़ा। इस घर में भी कई परेशानियां हैं, लेकिन शख्स ने रेडिट पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि अब मजबूरी में इन समस्याओं के साथ ही एडजस्ट करना पड़ेगा।