Bihar BJP MLA Raju Singh Convicted : क्या है वो 7 साल पुराना मामला, जिसमें बिहार के साहिबगंज से BJP विधायक राजू कुमार दोषी करार?  अब विधायक की सजा पर टिकी निगाहें? न्यू ईयर पार्टी की रात में ऐसा क्या हुआ, जिसमें विधायक बने आरोपी?

नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार के साहिबगंज से BJP विधायक राजू कुमार सिंह को एक पुराने मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते ही हिरासत में लेने का आदेश दे दिया। हालांकि, कोर्ट ने उनकी पत्नी और दो अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

MP-MLA कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें?

  • स्पेशल जज (MP-MLA) विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304 पार्ट 2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया है।
  • अदालत ने राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अब 9 जून को राजू सिंह की सजा पर बहस होगी। कोर्ट के फैसले की विस्तृत कॉपी अभी आनी बाकी है।
  • इससे पहले 30 अक्टूबर, 2023 को कोर्ट ने आरोपियों की अर्जी खारिज करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में राजू सिंह के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। वहीं, रामेंद्र सिंह और राणा राजेश सिंह पर सबूत मिटाने (धारा 201/34) और रेणु सिंह पर भी सबूत मिटाने (धारा 201) का आरोप तय किया गया था।

क्या था पूरा मामला?

  • शिकायतकर्ता विकास गुप्ता के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2018 की रात वह अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ नए साल की पार्टी में गए थे। यह पार्टी उनके 25 साल पुराने दोस्त संजीव सिंह के फार्म हाउस पर थी, जो दिल्ली के मंडी गांव के अंबेडकर कॉलोनी में है।
  • विकास ने बताया था कि रात करीब 12 बजे उनकी पत्नी ने उन्हें गले लगाया और फिर डांस करने के लिए DJ फ्लोर पर वापस चली गईं। उसी वक्त उन्होंने अपने दोस्त संजीव के भाई राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरि सिंह को अपनी-अपनी बंदूक से हवा में फायरिंग करते देखा।
  • उन्होंने आगे बताया कि करीब 5 मिनट बाद राजू सिंह ने फिर से फायरिंग की, और इसके तुरंत बाद उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी जमीन पर गिर पड़ी हैं। वह दौड़कर उनके पास पहुंचे तो देखा कि अर्चना बेहोश थीं और उनके चेहरे पर खून लगा था। इसके बाद दूसरे मेहमानों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

  • पुलिस को जब पार्टी में गोली चलने की खबर मिली तो वे मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि घटनास्थल पर पड़े खून को भी साफ कर दिया गया था।
  • जांच के दौरान, मौके से .22 कैलिबर के दो इस्तेमाल किए हुए कारतूस मिले। कुछ जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस राजू सिंह के घर से भी बरामद हुए। ड्राइवर हरि सिंह (जिनकी अब मौत हो चुकी है) के घर से एक .315 कैलिबर की राइफल और कुछ कारतूस मिले थे।
  • जांच में सामने आया कि पार्टी में दो लोगों ने फायरिंग की थी - एक राजू सिंह, जो उस वक्त बिहार के पूर्व विधायक थे, और दूसरे उनके ड्राइवर हरि सिंह। दोनों मौके से फरार हो गए थे। उन्हें 2 जनवरी, 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिल नगर से गिरफ्तार किया गया। राजू सिंह के कब्जे से .22 कैलिबर की एक पिस्टल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
  • 3 जनवरी, 2019 को पुलिस को सूचना मिली कि इलाज के दौरान घायल अर्चना गुप्ता की मौत हो गई है। इसके बाद, FIR में हत्या की कोशिश (धारा 307) को हत्या (धारा 302) में बदल दिया गया। AIIMS अस्पताल में हुए पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों ने मौत का कारण सिर में गोली लगना बताया।