सड़क पर कचरा फेंकने पर एक बाइकर ने स्कूली छात्रों को डांटा। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। कुछ ने नागरिक बोध सिखाने के लिए बाइकर को सराहा, तो कुछ ने बच्चों को डांटने के तरीके की आलोचना की।

ड़क पर कागज के टुकड़े फेंक रहे स्कूली बच्चों को एक बाइकर ने जब डांट लगाई, तो इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। 'घर के कलेश' नाम के एक एक्स (ट्विटर) हैंडल से पोस्ट किए गए इस वीडियो को अब तक 87,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है।

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"ये कोई मज़ाक है क्या?"

वीडियो में दिखता है कि एक बाइकर स्कूल बस का पीछा करता है। जब वह देखता है कि बच्चे बस से बाहर कागज फेंक रहे हैं, तो वह बस को रुकवाता है। इसके बाद वह बस के अंदर जाकर छात्रों से सवाल करता है, "क्या तुम्हें यह कोई मज़ाक लग रहा है?" सुरक्षा कारणों से वीडियो में छात्रों और टीचर के चेहरे धुंधले कर दिए गए हैं। यह वीडियो 14 मार्च को वायरल होना शुरू हुआ, लेकिन यह घटना असल में कब और कहां हुई, इसकी कोई पक्की जानकारी नहीं है।

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मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। लोग दो गुटों में बंटे हुए हैं। जो लोग बाइकर के काम का समर्थन कर रहे हैं, वे उसकी तारीफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि समाज में नागरिकता का बोध (civic sense) जगाने के लिए ऐसे कदम ज़रूरी हैं। एक यूज़र ने कमेंट किया, "इंजीनियरिंग, NEET, IIT के सपने देखने से क्या फायदा, अगर इतनी भी समझ नहीं कि सड़क को कूड़ेदान न बनाएं। उस बाइकर ने जो सबक सिखाया, वह एक बड़ी शिक्षा है।"

वहीं, दूसरी तरफ कई लोग बाइकर के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को सबके सामने शर्मिंदा करने के बजाय स्कूल मैनेजमेंट से शिकायत करनी चाहिए थी। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “हो सकता है कि उसने उन्हें सबक सिखाया हो, लेकिन वे बच्चे ही तो हैं, उन्हें इस तरह इतना नहीं डांटना चाहिए था।”