BMC Election 2026: मुंबई नगर निगम चुनाव में सबसे अमीर विजेता कौन?
क्या BMC चुनाव 2026 में सत्ता से ज़्यादा पैसा बोल रहा है? मुंबई नगर निगम में 124 करोड़ की संपत्ति वाले BJP नेता मकरंद नार्वेकर बने सबसे अमीर विजेता। ठाकरे युग का अंत, करोड़पति पार्षदों का उदय-क्या बदलेगी मुंबई की राजनीति?

BMC Election 2026 Richest Winners Makrand Narvekar: मुंबई नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने शहर की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। इस बार सिर्फ सत्ता का बदलाव नहीं हुआ, बल्कि यह भी साफ हो गया कि BMC चुनाव 2026 में अमीर उम्मीदवारों का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। सवाल यह है कि क्या अब मुंबई जैसे देश के सबसे अमीर नगर निगम को चलाने की कमान भी करोड़पतियों के हाथ में चली गई है?
इन चुनावों में BJP के मकरंद सुरेश नार्वेकर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। उन्होंने 124 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की और BMC चुनाव 2026 के सबसे अमीर विजेता बनकर सामने आए। उनकी जीत ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया, बल्कि राजनीति और पैसे के रिश्ते पर भी सवाल खड़े कर दिए।
कौन हैं मकरंद नार्वेकर और क्यों हो रही है सबसे ज्यादा चर्चा?
BJP नेता मकरंद सुरेश नार्वेकर मुंबई नगर निगम चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार बनकर उभरे हैं। 124 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के साथ उनकी जीत ने उन्हें करोड़पति पार्षदों की लिस्ट में नंबर-1 बना दिया है। अब वह उस नगर निगम का हिस्सा होंगे, जिसे एशिया का सबसे अमीर नगर निकाय माना जाता है। उनकी जीत यह दिखाती है कि BMC चुनाव 2026 में पैसा एक बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस पर चर्चा तेज है।
क्या सिर्फ नार्वेकर ही नहीं, कई और करोड़पति भी जीते हैं?
मकरंद नार्वेकर अकेले नहीं हैं। इस बार BMC में कई ऐसे उम्मीदवार पहुंचे हैं जिनकी संपत्ति करोड़ों में है।
- हर्षिता अश्विन नार्वेकर (BJP)-63.6 करोड़
- मीनल संजय तुर्डे (शिवसेना)-56 करोड़
- ट्यूलिप ब्रायन मिरांडा (कांग्रेस)-51 करोड़
- अनीता नंदकुमार वैती (BJP)-29 करोड़
- यशोधर फांसे (शिवसेना UBT)-25.9 करोड़
- भास्कर रामा शेट्टी (शिवसेना)-25.4 करोड़
इन आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई नगर निगम में अमीर नेताओं की मौजूदगी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
BMC चुनाव 2026 में ठाकरे परिवार की हार क्यों अहम मानी जा रही है?
- इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह रहा कि करीब तीन दशक बाद ठाकरे परिवार का BMC पर नियंत्रण खत्म हो गया। BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
- BJP: 89 सीटें
- शिंदे की शिवसेना: 29 सीटें
- 227 सदस्यीय BMC में यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि अब बड़े फैसले महायुति गठबंधन के हाथ में होंगे।
उद्धव-राज ठाकरे गठबंधन कितना मजबूत रहा?
- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन ने 71 सीटें जरूर जीतीं, लेकिन सत्ता तक पहुंचने में नाकाम रहे।
- शिवसेना (UBT): 65 सीटें
- MNS: 6 सीटें
- मराठी इलाकों में समर्थन बना रहा, लेकिन ठाणे और नवी मुंबई जैसे क्षेत्रों में प्रदर्शन कमजोर रहा।
कांग्रेस और AIMIM का प्रदर्शन क्या संकेत देता है?
कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ते हुए 24 सीटें जीतीं, जो पिछले चुनाव से कम हैं। वहीं AIMIM ने चौंकाते हुए अपनी सीटें 2 से बढ़ाकर 8 कर लीं। यह अल्पसंख्यक इलाकों में बदले राजनीतिक रुझान की ओर इशारा करता है।
क्या BMC में पैसा अब राजनीति से बड़ा हो गया है?
वोट शेयर के आंकड़े बताते हैं कि BJP 21.6% वोट के साथ सबसे आगे रही। कुल मिलाकर BJP को 45.22% वोट मिले, जिससे वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
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