CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर धमकी, छात्र आंदोलन में पुलिस कार्रवाई, बाबा रामदेव और नए शिक्षा मंत्री को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
Abhijeet Dipke Latest News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन के दौरान उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनसे कथित तौर पर कहा गया था कि यदि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल नहीं हुए तो उनके परिवार को परेशान किया जा सकता है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, दिपके ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों पर ऐसे आरोप लग रहे हैं कि वे एक छात्र को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि युवाओं को डराने के लिए सत्ता का इस्तेमाल किया जाए तो ऐसे पदों का महत्व क्या रह जाता है।
नए शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
दिपके ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नए मंत्री अपने पूर्ववर्ती की "रिप्लेसमेंट कॉपी" जैसे हैं और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ऐसे लोगों का समर्थन करती है जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं। अपने बयान में उन्होंने कुलदीप सेंगर और राम रहीम जैसे मामलों का भी उल्लेख किया और सरकार की आलोचना की।
'लोकतंत्र और शिक्षा के लिए सवाल पूछना गलत नहीं'
युवा पीढ़ी को गुमराह करने के आरोपों पर जवाब देते हुए दिपके ने कहा कि सरकार से सवाल पूछना, लोकतंत्र की रक्षा करना और शिक्षा तथा छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठाना किसी भी तरह से समाज को बिगाड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र, शिक्षा और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना गलत माना जाता है, तो वह इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगे।
बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर क्या कहा?
दिपके ने योग गुरु बाबा रामदेव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक टिप्पणियां करने के बजाय पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि यदि उत्पादों को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो पहले उन मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। दिपके ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि नई पीढ़ी लोकतंत्र और देश की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा सकती है।
छात्र आंदोलन में पुलिस कार्रवाई पर लगाए आरोप
अभिजीत दिपके ने छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि वे बिहार के अस्पतालों में घायल छात्रों से मिले थे और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनका उपयोग सामान्य परिस्थितियों में नहीं होना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील
दिपके ने विपक्षी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उनका आरोप है कि आंदोलन खत्म होने के बाद भी कई छात्रों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर दिया जवाब
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने कहा कि यदि वास्तव में ऐसी कोई फंडिंग हुई होती, तो यह देश की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता होती। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में संबंधित एजेंसियों को इसकी जांच करनी चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।


