CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया। दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया, लेकिन अभिजीत दिपके गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने साफ कहा कि दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने के लिए तैयार हैं। यह प्रोटेस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही और चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर किया जाना है।
CJP का ऐलान- अनुमति मिले या नहीं, जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन
अभिजीत दिपके ने कहा, ‘’13 करोड़ वोट हटाने से पहले क्या ज्ञानेश कुमार ने इजाज़त ली थी? सुप्रीम कोर्ट ने तो फ़ॉर्म 6 में बदलाव के लिए मंज़ूरी भी नहीं दी थी। तो, जब ज्ञानेश कुमार बिना किसी को बताए, बिना किसी से पूछे 13 करोड़ वोट हटा देते हैं, तो उनके ख़िलाफ विरोध करने के लिए, जो हमारा आर्टिकल 19 के तहत संवैधानिक अधिकार है, इजाजत की क्या जरूरत है?''
सरकार युवाओं से डरी- दिपके
- प्रदर्शन से पहले किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए दिपके ने कहा कि सरकार युवाओं से डर रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब ट्रेनें और मेट्रो सेवाएं बंद करने की बात हो रही है, तो आम लोग अपनी यात्रा कैसे करेंगे।
- दिपके ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर सार्वजनिक परिवहन और सड़कों पर पाबंदियां लगाने से आम नागरिकों को ही परेशानी उठानी पड़ेगी।
- दिपके ने दिल्ली में मेट्रो, रेलवे और सड़कों पर लगाई जा रही संभावित पाबंदियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए किए जा रहे इंतजामों से आम लोगों को परेशानी होगी।
- वहीं, दिल्ली पुलिस ने कम समय में आवेदन मिलने, पहले के निर्देशों का पालन नहीं करने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
‘क्या दिल्ली नरेंद्र मोदी और अमित शाह की संपत्ति है?’
- दिपके ने दिल्ली में संभावित परिवहन पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली किसी नेता की निजी या पुश्तैनी संपत्ति नहीं है।
- उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए पूछा कि अगर सरकार का कहना है कि विरोध प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी होती है, तो मेट्रो, रेलवे और सड़कों पर पाबंदियां लगाने से लोगों को परेशानी नहीं होगी?
- उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के कारण लोगों को होने वाली असुविधा का हवाला देकर प्रदर्शन रोकने की कोशिश की जा रही है, जबकि परिवहन सेवाओं पर पाबंदियों से भी आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
- दिपके ने कहा कि CJP के कार्यकर्ता हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार होने से पीछे नहीं हटेंगे।
- उन्होंने कहा, “वे कितने लोगों को हिरासत में लेंगे? मुझे गिरफ्तार करो, मुझे हिरासत में लो! सौरभ तैयार है, आशुतोष तैयार है। मुझे गिरफ्तार करो, मुझे हिरासत में लो!”
दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
- दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
- पुलिस ने इसके पीछे कम समय में आवेदन मिलने, पहले के निर्देशों का पालन नहीं करने और सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा ट्रैफिक नियंत्रण से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
- दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद के अनुसार, 7 अक्टूबर को CJP के सह-संयोजक सौरभ दास की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में आवेदन मिला था। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाना बताया गया था।
- दिल्ली पुलिस की CP नूपुर प्रसाद ने कहा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से कम से कम 10 दिन पहले सूचना दी जानी चाहिए थी। पुलिस को आवेदन काफी कम समय पहले मिला, इसलिए इस पर आपत्ति जताई गई।
BNSS की धारा 163 लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
- दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
- पुलिस के मुताबिक, इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और CJP के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
अरविंद केजरीवाल की भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। केजरीवाल ने कहा, “मैं देश की जनता से अपील करता हूं कि वे जंतर-मंतर जाएं और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। मैं भी अपने परिवार के साथ वहां जाऊंगा।”


