CJP Protest से पहले लीगल हेड रत्ना सिंह और तीन वकीलों की हिरासत का दावा सामने आया है। CJP ने पुलिस पर बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया। जानें रत्ना सिंह ने क्या कहा और पूरा मामला क्या है।

CJP Legal Team Detained: दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस और प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि पुलिस ने उनकी लीगल टीम की हेड रत्ना सिंह और तीन अन्य वकीलों को बिना कोई ठोस वजह बताए हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

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Ratna Singh Detained: CJP ने जारी किया वीडियो

  • रत्ना सिंह की कार के अंदर का वीडियो आया सामने: पार्टी की तरफ से एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें रत्ना सिंह एक कार के अंदर बैठी नजर आ रही हैं और उनके आसपास भारी संख्या में (लगभग 25 से ज्यादा) पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दे रहे हैं।
  • बिना आधिकारिक नोटिस के हिरासत: CJP का कहना है कि पुलिस ने इन सभी वकीलों को पूरी तरह से गैर-कानूनी और बिना किसी आधिकारिक नोटिस के उठाया है। रत्ना सिंह ने बताया कि सुबह पुलिस उनके घर पहुंची थी, लेकिन उस वक्त वह वहां मौजूद नहीं थीं।
  • "ऊपर से आया है आदेश": जब वकीलों ने पुलिस से कोई लिखित आदेश या नोटिस दिखाने को कहा, तो उनके पास दिखाने के लिए कुछ नहीं था। पुलिसकर्मियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें ऊपर से सख्त निर्देश मिले हैं कि आपको तुरंत हिरासत में लिया जाए।
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  • सड़क पर की गई बदसलूकी के आरोप: कार के भीतर से बात करते हुए रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार उन्हें जबरन गाड़ी से बाहर निकलने का दबाव बना रही थी और उन्हें उनके घर पर ही गैर-कानूनी तरीके से घेरकर रखा गया।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ है विरोध: यह हाई-प्रोफाइल हिरासत ऐसे समय में हुई है जब राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 'जंतर-मंतर 2.0' प्रदर्शन की तैयारी चल रही है।
  • कड़े सुरक्षा पहरे के बीच पाबंदियां: प्रशासन ने इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर रखे हैं और कई मेट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद कर दिए गए हैं। पुलिस किसी भी कीमत पर प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक जुटने नहीं देना चाहती है।

CJP प्रशासन के इन दमनकारी कदमों के बावजूद अपने रुख पर कायम है, हालांकि लगातार हो रही नेताओं कीियता और हिरासत से माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।