दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्विस सांसद सेम्युअल गगर से मुलाकात की। जनजातीय कल्याण, मिलेट उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, युवाओं के कौशल विकास और इको-टूरिज्म में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस में स्विट्ज़रलैंड संसद की नेशनल काउंसिल के सदस्य श्री सेम्युअल गगर से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का सबसे अधिक जनजातीय आबादी वाला राज्य है। जनजातीय कल्याण, सतत आजीविका और समावेशी विकास राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
मिलेट, ग्रामीण पर्यटन और आर्थिक पर्यटन से जनजातीय सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने मिलेट (श्रीअन्न) उत्पादन को बढ़ावा देने, ग्रामीण पर्यटन और आर्थिक पर्यटन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये प्रयास जनजातीय समुदाय की आय बढ़ाने, पोषण सुधारने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने से सीधे जुड़े हुए हैं।
स्वच्छ ऊर्जा, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल समाधान पर सहयोग
बैठक में स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल समाधानों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। औद्योगिक ऑटोमेशन और स्थिरता के क्षेत्रों में स्विस विशेषज्ञता का लाभ लेकर मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
नवकरणीय ऊर्जा, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण में साझा प्रयास
नवकरणीय ऊर्जा, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी सामने आईं। दोनों पक्षों ने पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया।
स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रण का प्रस्ताव
स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और इंडस्ट्रियल ट्रांजिशन जैसे विषयों पर नीति स्तर पर अनुभव और विचारों का आदान-प्रदान करना है।
स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी
मध्यप्रदेश की जलवायु और स्थिरता से जुड़ी पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी पर भी विचार किया गया, जिससे निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिल सके।
युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास
बैठक में यह सहमति बनी कि नवकरणीय ऊर्जा और उन्नत निर्माण क्षेत्रों में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए मध्यप्रदेश के युवाओं को कौशल-संपन्न बनाने के लिए सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
हेरिटेज और इको-टूरिज्म में सांस्कृतिक आदान-प्रदान
मध्यप्रदेश को स्विस यात्रियों के लिए हेरिटेज और इको-टूरिज्म के आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने तथा लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की योजना पर भी विचार किया गया।


