भारत ने क्रोएशिया के जाग्रेब में भारतीय दूतावास में खालिस्तानियों द्वारा घुसपैठ और तिरंगे को नुकसान पहुंचाने की घटना की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने विएना कन्वेंशन का हवाला देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को क्रोएशिया में भारतीय दूतावास में घुसपैठ और खालिस्तानी एक्टिविस्टों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को नुकसान पहुंचाने की निंदा की और कहा कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। यह विदेशों में भारतीय मिशनों को निशाना बनाने वाले खालिस्तानी एक्टिविस्टों की हरकतों की सीरीज में ताजा मामला है। अब तक इस तरह के ज्यादातर मामले कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका से ही सामने आ रहे थे।
बता दें कि यूरोपियन यूनियन के सदस्य देश क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में भारतीय दूतावास को 27 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले 22 जनवरी को निशाना बनाया गया। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक खालिस्तानी एक्टिविस्ट जाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास में तिरंगा उतारकर उसकी जगह पीला खालिस्तान झंडा लगाते हुए दिख रहा है।
भारत ने की जाग्रेब में हुई घटना की कड़ी निंदा
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “हम क्रोएशिया के जाग्रेब में हमारे दूतावास में भारत विरोधी तत्वों द्वारा घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हैं। हालांकि, इस बयान में खालिस्तानी एक्टिविस्टों या पन्नू का जिक्र नहीं किया गया। बयान में कहा गया, ऐसा काम करने वालों के चरित्र और इरादे साफ बताते हैं कि वो क्या करना चाहते हैं। दुनिया भर की तमाम कानूनी एजेंसियों को इन पर ध्यान देना चाहिए।”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि विएना कन्वेंशन के तहत, डिप्लोमैटिक जगहों को "अभेद्य" माना जाता है और उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए। भारतीय पक्ष ने इस मामले को नई दिल्ली और जाग्रेब दोनों जगह क्रोएशियाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाया है और उनसे कहा है कि वे इन निंदनीय और गैर-कानूनी कामों के लिए दोषियों को जवाबदेह ठहराएं।
पन्नू का दावा- 26 जनवरी पर दिल्ली होगी निशाने पर
पन्नू ने वीडियो में कहा कि खालिस्तानी एक्टिविस्टों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले यह काम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले बैकग्राउंड के सामने बोलते हुए, पन्नू ने दावा किया कि गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली "निशाना" होगी। बता दें कि यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। खालिस्तानी एक्टिविस्टों ने दूतावास की दीवारों पर "खालिस्तान जिंदाबाद" जैसे नारे भी लिखे। पन्नू ने पंजाब में बोलते हुए कहा कि भारतीय दूतावासों में राष्ट्रीय तिरंगा फहराने के दिन "गिने-चुने" रह गए हैं। उसने कहा, "जब पंजाब आजाद हो जाएगा, तो भारतीय झंडे की जगह खालिस्तान का झंडा लगाया जाएगा।"
भारत ने पन्नू को किया आतंकवादी घोषित
भारत ने पन्नू और उसके संगठन SFJ को आतंकी घोषित कर रखा है। उसकी गतिविधियों के बारे में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका के अधिकारियों से औपचारिक रूप से शिकायत की है। इन गतिविधियों में हिंसक विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और राजनयिक मिशनों को निशाना बनाना, और भारतीय राजनयिकों को धमकी देना और डराना शामिल है।


