क्या काला जादू के शक ने डॉक्टर को बना दिया हत्यारा? दिल्ली में महिला कर्मचारी की हत्या ने उठाए कई सवाल। क्लिनिक की कर्मचारी पर क्यों किया हमला? घर से बेसबॉल बैट और चाकू बरामद हुए। क्या आरोपी डॉक्टर का दावा सच है या हत्या के पीछे कोई और राज छिपा है? जांच जारी।45 वर्षीय मीना की मौत का असली कारण क्या था? पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के एक पॉश इलाके से अंधविश्वास और हैवानियत की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून व्यवस्था और आधुनिक समाज की सोच पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना इलाके के तहत आने वाले कैलाश हिल्स में एक 45 वर्षीय महिला की उसके ही घर के भीतर बेरहमी से हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खौफनाक कत्ल का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि इलाके के ही एक प्रतिष्ठित डॉक्टर पर लगा है। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

क्लिनिक से कत्लगाह तक: कई सालों का भरोसा और एक खौफनाक अंत!
मृतक महिला की पहचान 45 वर्षीय मीना के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मीना पिछले कई सालों से आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता के क्लिनिक में एक वफादार कर्मचारी के रूप में काम कर रही थी। वह डॉक्टर के बेहद करीब थी और उनके पास के क्लिनिक का कामकाज संभालती थी। लेकिन किसे पता था कि जिस डॉक्टर पर मीना सालों से भरोसा कर रही थी, वही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुश्मन बन जाएगा। पुलिस को कैलाश हिल्स स्थित घर के भीतर से मीना का खून से लथपथ शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बेसबॉल बैट और चाकू का खूनी खेल: तड़पा-तड़पा कर ली गई जान
जांचकर्ताओं को वारदात वाली जगह से जो सबूत मिले हैं, वे इस हत्याकांड की क्रूरता को बयां करने के लिए काफी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से एक खून से सना बेसबॉल बैट और एक तेज धारदार चाकू बरामद किया गया है। शुरुआती फॉरेंसिक और पुलिस जांच से पता चलता है कि आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता ने पहले मीना के सिर पर बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह अधमरी हो गई। इसके बाद भी जब उसका दिल नहीं भरा, तो उसने चाकू जैसे धारदार हथियार से उस पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही मीना की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
"वह मुझ पर काला जादू कर रही थी..."पढ़े-लिखे डॉक्टर का अंधविश्वास भरा कबूलनामा
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए डॉ. मनीष गुप्ता को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस के आला अधिकारियों ने डॉक्टर से इस क्रूर हत्याकांड की वजह पूछी, तो उसका जवाब सुनकर जांचकर्ताओं के भी होश उड़ गए। पूछताछ के दौरान आरोपी डॉक्टर ने कथित तौर पर बताया कि वह पिछले काफी समय से भारी मानसिक तनाव में था। उसे गहरा शक था कि उसकी कर्मचारी मीना उस पर 'काला जादू' (टोटका) कर रही है, जिसकी वजह से उसकी जिंदगी और करियर बर्बाद हो रहा था। इसी अंधविश्वास के पागलपन में आकर उसने मीना को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला।
डॉ. सूद केस का सस्पेंस: वैवाहिक विवाद और आर्थिक शोषण का एक और रहस्य!
इस पूरे मामले के बीच, दिल्ली पुलिस एक अन्य हाई-प्रोफाइल मेडिकल केस 'डॉ. पीयूष सूद' मामले की कड़ियों को भी खंगाल रही है। डॉ. पीयूष सूद पर अपनी अलग रह रही पत्नी डॉ. मीनाक्षी सूद के साथ सालों तक घरेलू दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण करने का गंभीर आरोप है, जिसके कारण उनकी भी रहस्यमयी और दुखद मौत हो गई थी। परिवार का आरोप है कि डॉ. पीयूष का किसी अन्य महिला के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर था, जिसने उनके वैवाहिक जीवन को नरक बना दिया था। हालांकि, पुलिस इस मामले में अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और आर्थिक शोषण के सबूतों की जांच कर रही है।
पुलिस के कब्जे में सबूत; क्या अंधविश्वास के इस खूनी खेल में छिपा है कोई और राज?
कैलाश हिल्स हत्याकांड को लेकर अमर कॉलोनी थाना पुलिस बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रही है। कुनियामुथुर और स्थानीय पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और क्लिनिक के कुछ दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या कत्ल की असली वजह वाकई सिर्फ 'काला जादू' का शक ही थी, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक लेन-देन, क्लिनिक का विवाद या कोई अन्य छुपा हुआ राज है? दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर के दावों की सच्चाई जानने के लिए उसके मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच कराई जा सकती है। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास का जहर समाज में किस कदर फैल चुका है कि एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर भी कातिल बन बैठा।


