Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP को और सख्त किया गया है। अब कुछ इंटरसिटी-इंटरस्टेट बसों और डीजल जनरेटर पर Stage-I से ही पाबंदी लागू होगी। पुराने मालवाहक वाहनों की छूट हटाई गई है और Stage-III में सोनीपत को भी वाहन प्रतिबंध के दायरे में शामिल किया गया है।
Delhi NCR GRAP: सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को और सख्त किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने संशोधित नियमों में कुछ पाबंदियों को पहले के मुकाबले एक चरण पहले लागू करने का फैसला किया है। खास तौर पर इंटरसिटी-इंटरस्टेट बसों और डीजल जनरेटर सेट से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है।
Stage-I से ही बसों पर नई पाबंदी
संशोधित GRAP के तहत अब Stage-I लागू होते ही कुछ इंटरसिटी और इंटरस्टेट बसों पर प्रतिबंध प्रभावी हो जाएंगे। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली-NCR आने वाली ऐसी बसों को रोकने का प्रावधान है, जो निर्धारित स्वच्छ ईंधन मानकों को पूरा नहीं करतीं।
इन राज्यों से आने वाली बसों में इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल मानकों वाली बसों को ही निर्धारित नियमों के तहत संचालन की अनुमति होगी। इससे पहले इस तरह की पाबंदियां GRAP के Stage-II में लागू होती थीं।
डीजल जनरेटर पर भी पहले से कार्रवाई
डीजल जनरेटर सेट से जुड़े प्रतिबंध भी अब Stage-II के बजाय Stage-I से लागू होंगे। यानी जैसे ही GRAP का पहला चरण लागू होगा, निर्धारित प्रावधानों और छूट के अधीन डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी नियंत्रण शुरू हो जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ाने वाले स्रोतों पर शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई करना है।
पुराने मालवाहक वाहनों को नहीं मिलेगी पुरानी छूट
संशोधित नियमों में BS-IV और उससे पुराने मालवाहक वाहनों को भी बड़ा झटका लगा है। Stage-III और Stage-IV के दौरान जरूरी सामान ढोने वाले कुछ पुराने मालवाहक वाहनों को पहले मिलने वाली छूट अब हटा दी गई है।
इसके तहत संबंधित श्रेणियों के हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को निर्धारित स्वच्छ ईंधन या वाहन मानकों का पालन करना होगा। Stage-III में दिल्ली के बाहर पंजीकृत डीजल BS-IV और उससे नीचे के कुछ LGV और MGV वाहनों के प्रवेश पर भी स्पष्ट पाबंदी रखी गई है।
Sonipat भी Stage-III वाहन प्रतिबंध में शामिल
Stage-III के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल या उससे पुराने हल्के चार पहिया वाहनों पर लगने वाला प्रतिबंध अब सोनीपत तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले यह नियम दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में लागू था।
गड्ढों की मरम्मत को Stage-III में छूट
सख्ती के बीच एक सीमित राहत भी दी गई है। Stage-III के दौरान निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध के बावजूद सड़क के गड्ढों की मरम्मत की अनुमति रहेगी। इसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण के साथ जरूरी सड़क रखरखाव को जारी रखना है।
GRAP में अब 48 एक्शन प्वाइंट
संशोधित GRAP में चारों चरणों को मिलाकर कुल 48 कार्रवाई बिंदु रखे गए हैं। इनमें Stage-I में 25, Stage-II में 8, Stage-III में 10 और Stage-IV में 5 एक्शन प्वाइंट शामिल हैं। इसके अलावा प्रत्येक चरण के नागरिक चार्टर में भी नए निर्देश जोड़े गए हैं, ताकि प्रदूषण बढ़ने पर आम लोग भी अपनी भूमिका समझ सकें।
500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर प्रदूषण की जानकारी
संशोधित व्यवस्था में 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर PM10 और PM2.5 का स्तर प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य निर्माण स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों को प्रदूषण के स्तर की जानकारी सीधे उपलब्ध कराना है।
