Connaught Place protest Today: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पुलिस ने कनॉट प्लेस में बिना इजाजत प्रदर्शन कर रहे लोगों को जबरन हटा दिया है।

Delhi News: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रहे सीजेपी (CJP) और वामपंथी युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हटा दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी पुलिस ने रोकने के साथ हिरासत में लिया। एशियनैट न्यूज के रिपोर्टर सजिन को भी पुलिस बस में बैठाकर ले गई।

कनॉट प्लेस में पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया

सीजेपी, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के कार्यकर्ता कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं को सड़क पर घसीटा गया। इस दौरान SFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श एम सजी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उनके माथे पर चोट लगी है।

सांसद जॉन ब्रिटास और DYFI नेता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सांसद जॉन ब्रिटास को भी हिरासत में लिया। ब्रिटास ने आरोप लगाया कि पुलिस वैन के अंदर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें रास्ते में उतार दिया गया। DYFI नेता जैक को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। पुलिस ने घटनास्थल पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को भी रोकने की कोशिश की।

इंडिया गठबंधन ने विरोध तेज करने की तैयारी की

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने और ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। गठबंधन राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग करना चाहता है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की योजना भी बनाई जा रही है।

बैठक के बाद मार्च की रणनीति पर फैसला

विपक्षी दल इससे पहले आकाशवाणी भवन परिसर, जंतर-मंतर और राजघाट पर अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए विरोध दर्ज करा चुके हैं। अब अगले चरण की रणनीति तय करने के लिए बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना है। हालांकि, मार्च की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

कांग्रेस ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

कांग्रेस ने इस विरोध को लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बताते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। सीपीएम ने भी सीजेपी और इंडिया गठबंधन के साथ प्रदर्शन में शामिल रहने की बात कही है। फिलहाल, विपक्ष की आगे की रणनीति और प्रस्तावित मार्च को लेकर प्रशासन की अनुमति पर सबकी नजरें टिकी हैं।