Delhi Police Action: दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर से राजधानी में हुए प्रदर्शनों को लेकर करीब 25 एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले तोड़फोड़, मारपीट और निषेधाज्ञा तोड़ने से जुड़े हैं। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम भी शामिल है।
Election Commission March: दिल्ली में 2 अक्टूबर से अलग-अलग मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने करीब 25 एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मारपीट, पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर भी कार्रवाई की गई है।
राहुल और प्रियंका गांधी के नाम भी FIR में शामिल
दर्ज मामलों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ निकाले गए विरोध मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने निर्धारित प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन' तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। इसके लिए न तो आधिकारिक अनुमति मांगी गई थी और न ही पुलिस की ओर से अनुमति दी गई थी।
आकाशवाणी भवन परिसर में प्रदर्शन का आरोप
पुलिस के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग के कार्यालय के पास रोका गया, तो कई विपक्षी नेता और सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और वहां विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने बुधवार को एक और एफआईआर दर्ज की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2 अक्टूबर से गुरुवार तक अलग-अलग घटनाओं के सिलसिले में करीब 25 मामले दर्ज किए जा चुके थे। इन मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन का आरोप भी शामिल है।
10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि राजधानी में निषेधाज्ञा लागू रहने के दौरान बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
डीसीपी सृष्टि पांडेय के मुताबिक, प्रतिबंध लागू रहने तक जंतर-मंतर समेत अन्य स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उन्होंने लोगों को चेताया कि बिना इजाजत भीड़ इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों और संबंधित नेताओं की कानूनी स्थिति को जांच तथा आगे की कार्रवाई के संदर्भ में देखा जाना है। एफआईआर दर्ज होना अपने आप में किसी आरोप के साबित होने का प्रमाण नहीं है।
