दिल्ली वोटर लिस्ट से दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम गायब होने के AAP के दावे और चुनाव आयोग की सफाई की पूरी खबर। जानिए क्यों 31 लाख से ज्यादा वोटरों को भेजे गए हैं नोटिस और क्या है पूरा मामला।

Delhi Voter List Controversy: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों वोटर लिस्ट को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके पूरे परिवार का नाम राजधानी की वोटर लिस्ट से गायब हो गया है। पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के तहत भेजे गए नोटिसों का हवाला देते हुए तीखा हमला बोला है। हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नाम सूची से हटाए नहीं गए हैं, बल्कि प्रक्रिया के तहत कुछ तकनीकी आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

Kejriwal Family: किन लोगों को मिला SIR Notice?

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल व गीता देवी को भी नोटिस मिला है। सभी को “Unmapped with Last SIR” श्रेणी में रखा गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इनके मौजूदा विवरण पुराने SIR रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाए थे। AAP ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे केजरीवाल और उनके परिवार के नाम वोटर लिस्ट से कैसे गायब हो सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड में उनके नाम मौजूद बताए गए हैं और नोटिस का मतलब अपने आप वोटर सूची से नाम हटना नहीं है।

Delhi Voter List: 31.63 लाख वोटरों को नोटिस

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के मुताबिक अब तक 31,63,930 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें दो तरह के मामले हैं—एक वे वोटर जिनका डेटा पिछली SIR लिस्ट से मैप नहीं हो पाया और दूसरे वे जिनके नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में तार्किक विसंगति मिली है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.53 लाख नाम थे। इससे पहले की सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, यानी SIR प्रक्रिया में लगभग 47 लाख नाम ड्राफ्ट से बाहर रहे।

Rekha Gupta को भी नोटिस, फिर हुआ Verification

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी SIR के दौरान नोटिस मिला था। उनके मामले में माता-पिता की उम्र से जुड़ी विसंगति सामने आई। दस्तावेजों और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद उनकी एंट्री को वैलिडेट कर दिया गया और अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए रखा गया है।

Delhi SIR: अब आगे क्या होगा?

नोटिस पाने वाले वोटरों को संबंधित ERO के सामने जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना जवाब देना होगा। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। चुनाव आयोग के अनुसार अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी की जानी है।