DGGI मेरठ ने यूपी में पान मसाला-तंबाकू के गुप्त कारोबार का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क द्वारा करीब 185 करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान है। गाजियाबाद-दिल्ली में छापेमारी कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जांच जारी है।

मेरठ: जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की मेरठ यूनिट ने उत्तर प्रदेश में चल रहे एक बड़े टैक्स चोरी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह गुपचुप तरीके से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का निर्माण और सप्लाई कर रहा था, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लग रहा था। शुरुआती जांच में करीब 185 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया गया है। इस मामले में DGGI ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार कई और जगहों से भी जुड़े हो सकते हैं। यह पूरी कार्रवाई गाजियाबाद और दिल्ली में कई ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी के बाद हुई।

स्कूटी से चलता था करोड़ों का कारोबार

इस नेटवर्क का काम करने का तरीका बड़ा ही शातिराना था। गिरोह के लोग कच्चे माल, जैसे चूना, सादा कत्था और तंबाकू की पत्तियां, को लाने-ले जाने के लिए स्कूटरों के एक बड़े बेड़े का इस्तेमाल करते थे। ये स्कूटर इन सामानों को उन गोदामों तक पहुंचाते थे, जिनकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी।

इन गुप्त गोदामों में ही पान मसाला और तंबाकू उत्पादों को तैयार किया जाता था। यहां से तैयार माल को उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग वितरकों तक पहुंचाया जाता था। यह पूरा काम इतने गुपचुप तरीके से होता था कि जीएसटी अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके। यह पूरा खेल बिना किसी बिल या टैक्स चुकाए चल रहा था, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था। DGGI को जब इस clandestine यानी गुप्त नेटवर्क की भनक लगी, तो एक पूरी योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

एक गिरफ्तारी, जांच का दायरा बढ़ेगा

DGGI के अधिकारियों ने पुख्ता जानकारी के आधार पर गाजियाबाद और दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इन छापों के दौरान विभाग को टैक्स चोरी से जुड़े कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। इसी कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसे इस नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल, विभाग की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। अधिकारी इस मामले की और भी परतें खोलने में जुटे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चोरी का कुल आंकड़ा कितना बड़ा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।